Chhattisgarh

रामायुध अंकित गृह सोभा बरनी न जाए – राजेश्री महन्त रामसुंदर दास

  • श्री शिवरीनारायण मठ में माह के द्वितीय रविवार को रविवारीय राम कथा का हुआ आयोजन।

श्री शिवरीनारायण मठ में माह के द्वितीय रविवार को आयोजित होने वाला रविवारीय राम कथा का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। माघी पूर्णिमा के अवसर पर शिवरीनारायण मेला के परिपेक्ष में लोग बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10:00 बजे भगवान राघवेंद्र सरकार एवं माता जानकी की तैल चलचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं रामायण जी की आरती से हुआ। शिवरीनारायण क्षेत्र एवं दूर दराज के गांव व नगरों से पधारे हुए मानस के वक्ताओं- एवं श्रोताओं ने बड़ी श्रद्धा भक्ति पूर्वक श्री राम कथा का रसपान किया।

इस अवसर पर अपने आशीर्वचन संदेश में राजेश्री महन्त रामसुंदर दास ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि- हनुमान जी लंका में माता जानकी की खोज करते हुए घूम रहे थे। उन्हें कहीं भी माता सीता दिखाई नहीं दी, तब उन्होंने देखा कि एक घर लंका में ऐसा बना हुआ है जिसके दरवाजे पर राम नाम अंकित है,धनुष बाण का चित्र बना हुआ है और तुलसी का पौधा विराजित है, यह देखकर उन्हें ऐसा लगा कि यहां किसी सज्जन व्यक्ति का निवास है। माता सीता का पता चल जाएगा रामायुध अंकित गृह। सोभा बरनी न जाय।। नव तुलसी का वृन्द तहं। देखि हरषि कपि राय।।


मिडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव ने भी श्रोताओं को संबोधित किया और कहा कि – आप सभी पुण्य की राशि हैं, बड़े ही पुण्यात्मा हैं कारण कि आप सभी ने उस पुण्य धरा पर मानव का शरीर धारण किया है जहां भगवान की चरण धूलि पड़ी है, गोस्वामी तुलसीदास दास जी महाराज ने श्री रामचरितमानस में लिखा है कि – पुण्य पुंज मग निकट निवासी।।
लोगों को अनेक मानस वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विशेष रूप से कार्यक्रम के आयोजक निरंजन लाल अग्रवाल, त्यागी जी महाराज, सुखराम दास एवं मानस वक्ता भगत राम साहू,गंगा राम कैवर्त,कुंज राम कश्यप, शिवकुमार द्विवेदी, सीताराम डड़सेना, तथा टी आर साहू एवं साथी (जांजगीर) सहित श्रोता समूह बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रंग नाथ यादव ने किया।

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