रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए नहीं लगाने पड़े चक्कर, ऑटो म्यूटेशन से गौतम सिंह को मिली राहत

रायपुर, 5 अक्टूबर 2026। जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए तहसील और पटवारी कार्यालय के चक्कर लगाने की परेशानी अब तकनीक आधारित व्यवस्था से कम हो रही है। बलरामपुर निवासी गौतम सिंह ने पंजीयन विभाग की ऑटो म्यूटेशन सुविधा का लाभ उठाया और रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ने से उन्हें काफी राहत मिली।
गौतम सिंह के मुताबिक, पहले जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से तहसील और पटवारी कार्यालय जाना पड़ता था। बार-बार कार्यालय जाने में समय के साथ आने-जाने का खर्च भी होता था। ऑटो म्यूटेशन की सुविधा से यह प्रक्रिया आसान हुई और उन्हें करीब 10 हजार रुपये की बचत का अनुभव हुआ।
सेवा संकल्प अभियान के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान गौतम सिंह ने बताया कि अब रजिस्ट्री कार्यालय से ही नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ जाती है। इससे उन्हें अलग से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े और समय एवं धन दोनों की बचत हुई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधार किए जा रहे हैं। रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को जोड़ने के अलावा आधार आधारित ई-केवाईसी से पहचान सत्यापन और व्हाट्सऐप के माध्यम से पंजीयन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं।
आधार आधारित ई-केवाईसी से पक्षकारों की पहचान का डिजिटल सत्यापन होने से पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है। वहीं व्हाट्सऐप के जरिए पंजीयन के विभिन्न चरणों, अपॉइंटमेंट और पंजीकृत दस्तावेजों से संबंधित जानकारी मिलने से सामान्य कामों के लिए कार्यालय जाने की जरूरत भी कम हुई है।
गौतम सिंह का अनुभव बताता है कि ऑटो म्यूटेशन जैसी डिजिटल सुविधाएं नागरिकों के लिए सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि समय, धन और अनावश्यक दौड़भाग बचाने का माध्यम बन रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के तहत विभाग ऐसे हितग्राहियों के अनुभव और सुझाव भी सामने ला रहा है, जिससे पंजीयन सेवाओं को और अधिक सहज बनाया जा सके।




