मोदी की गारंटी बनाम बजट 2026: छत्तीसगढ़ के संसाधनों का दोहन, बदले में उपेक्षा — दीपक दुबे

जांजगीर चांपा। भारतीय जनाधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक दुबे ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बजट भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा घोषणा-पत्र और ‘मोदी की गारंटी’ में किए गए वादों को जमीन पर उतारने में पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में छत्तीसगढ़ जैसे संसाधन-समृद्ध राज्य के साथ घोर उपेक्षा की गई है।
दीपक दुबे ने कहा कि देश को कोयला, बिजली, इस्पात, सीमेंट, रेल राजस्व और अन्न उपलब्ध कराने वाला छत्तीसगढ़ आज भी विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा के मामले में पिछड़ा हुआ है। बजट में राज्य के लिए किसी ठोस योजना या विशेष पैकेज की घोषणा नहीं की गई, जबकि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था देश की रीढ़ मानी जाती है।
उन्होंने कहा कि बजट में आम जनता को महंगाई से राहत देने, टैक्स स्लैब में सुधार करने, युवाओं के लिए रोजगार गारंटी, रसोई गैस और बिजली की कीमतों पर सीधी राहत जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का कोई उल्लेख नहीं है। किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, इनपुट सब्सिडी और आय सुरक्षा जैसे सवालों पर भी बजट पूरी तरह मौन है।
छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया कि कोरबा, रायगढ़, जांजगीर और सरगुजा जैसे जिलों से खनिज और ऊर्जा देने के बावजूद स्थानीय स्तर पर रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं और पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया। कोरबा और रायगढ़ जैसे प्रमुख पावर हब में घरेलू उपभोक्ता और लघु उद्योग आज भी महंगी बिजली से जूझ रहे हैं, लेकिन बजट में उन्हें राहत देने की कोई योजना नहीं है।
दीपक दुबे ने यह भी कहा कि बिलासपुर रेल मंडल देश के शीर्ष राजस्व मंडलों में शामिल होने के बावजूद यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे साफ है कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ से केवल राजस्व लेने तक सीमित है, लेकिन बदले में राज्य को उसका हक नहीं दिया जा रहा।
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उन्होंने छत्तीसगढ़ के लिए विशेष आर्थिक और औद्योगिक पैकेज, खनिज क्षतिपूर्ति एवं पर्यावरण-स्वास्थ्य कोष, एमएसपी की कानूनी गारंटी, स्थानीय रोजगार मिशन, रेल यात्री सुविधाओं के उन्नयन और रसोई गैस व बिजली पर सीधी राहत की मांग की है।
अंत में दीपक दुबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश की फैक्ट्री और अन्नभंडार है, लेकिन बजट 2026 में उसे केवल एक राजस्व मशीन समझा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘मोदी की गारंटी’ और लोकसभा घोषणा-पत्र केवल चुनावी जुमले साबित हुए हैं और बजट में सिर्फ दो बड़े उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाया गया है, जिनका संबंध विमान निर्माण और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर उद्योगों से है।




