Chhattisgarh

मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में फहराया तिरंगा, परेड की ली सलामी

संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया।उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।

समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया जी की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

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