भूपेश-टीएस और दीपक को राहुल का बुलावा:छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं की खड़गे-गांधी के साथ होगी मीटिंग

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के आला नेताओं की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ एआईसीसी दफ्तर में शाम 5 बजे अहम बैठक होगी। कांग्रेस नेताओं को बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली से बुलावा आया है।इस बैठक में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत शामिल होंगे। इन नेताओं के साथ-साथ दिल्ली जा रहे बाकी प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी भी बैठक में भाग लेंगे। जिसमें मनरेगा-SIR और आंदोलनों की रणनीति बनेगी।
कांग्रेस नेताओं से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक में संगठन में नियुक्तियों, आगामी कार्यक्रमों, मनरेगा और एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि, आगामी दिनों में राज्य स्तर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन और धरना-प्रदर्शन की रूपरेखा तय की जाएगी। साथ ही, संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए रणनीति भी बनाई जाएगी।
राहुल गांधी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का उद्देश्य प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करना और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक ढांचे को और प्रभावी बनाना है। बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि किन जिलों और क्षेत्रों में पार्टी की सक्रियता बढ़ाई जाए। स्थानीय मुद्दों को लेकर किस तरह का अभियान चलाया जाए।पार्टी सूत्रों के अनुसार, भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि दोनों नेताओं के अनुभव और जनता में लोकप्रियता संगठन को मजबूती देने में सहायक होगी। दीपक बैज और चरणदास महंत भी बैठक में अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे और संगठनात्मक मामलों पर सुझाव देंगे।
इस बैठक के बाद ही कांग्रेस प्रदेश में आगामी विरोध और कार्यक्रमों की रूपरेखा घोषित कर सकती है। पार्टी का कहना है कि, यह बैठक सिर्फ नेताओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें निर्णयों का असर सीधे कार्यकर्ताओं और आम जनता तक पहुंचाया जाएगा। ऐसे में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की राजनीतिक सक्रियता अगले कुछ सप्ताह में और स्पष्ट दिख सकती है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, आज की बैठक प्रदेश कांग्रेस के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है। इसके नतीजे आगामी प्रदर्शन और संगठनात्मक गतिविधियों को दिशा देने वाली है।










