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भारत के सिनेमा के लिए गर्व का पल: नमित मल्होत्रा की ‘रामायण’ 100 से अधिक देशों में होगी रिलीज़, दुनिया तक पहुँचाएगी भारत का इतिहास और संस्कृति

भारत की कालजयी महागाथा, सांस्कृतिक विरासत और सभ्यतागत जड़ों को दुनिया तक पहुँचाते हुए ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बनने जा रही है।
भारत के लिए गर्व के इस खास मौके पर ‘रामायण’ दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में 50,000 स्क्रीन्स पर रिलीज़ होने जा रही है। इसके जरिए देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुँचाया जाएगा।


नमित मल्होत्रा द्वारा निर्मित और नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित ‘रामायण’ साल 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। फिल्म के भव्य स्तर, शानदार विजुअल्स और दमदार कलाकारों को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है।

हालांकि, इस फिल्म का महत्व सिर्फ सिनेमा तक सीमित नहीं है। भारत की सबसे पूजनीय महागाथाओं में से एक पर आधारित यह फिल्म भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सभ्यतागत विरासत की समृद्धि को दुनियाभर के दर्शकों के सामने पेश करने का अवसर है।

भारत के लिए यह सिर्फ एक फिल्म की दुनियाभर में रिलीज़ नहीं है, बल्कि अपनी उस कहानी को दुनिया के साथ साझा करने का अवसर है, जिसने पीढ़ियों से देश की सांस्कृतिक चेतना को आकार दिया है। साहस, कर्तव्य, त्याग, धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत जैसे कालजयी मूल्यों के जरिए ‘रामायण’ ऐसी विरासत को सामने लाती है, जो अलग-अलग संस्कृतियों और पीढ़ियों के लोगों को जोड़ती है।
निर्माता नमित मल्होत्रा के विजन के तहत इस फिल्म को बड़े स्तर पर बनाया जा रहा है, ताकि भारत की इस कालजयी महागाथा को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुँचाया जा सके। फिल्म के निर्माता इस कहानी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए इसे बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका उद्देश्य इसकी मूल भावना और जड़ों का सम्मान करते हुए विश्वस्तरीय फिल्म निर्माण के जरिए इसकी भव्यता को आज के दर्शकों के सामने प्रस्तुत करना है।

वैश्विक वितरण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर ‘रामायण’ 100 से अधिक देशों में 50,000 स्क्रीन्स पर रिलीज़ होने जा रही है। इस व्यापक अंतरराष्ट्रीय पहुँच के जरिए दुनियाभर के दर्शकों को भारत की सबसे अनमोल कहानियों में से एक को बड़े पर्दे पर देखने का मौका मिलेगा। इससे भारतीय पौराणिक कथाओं और कहानी कहने की परंपरा को वैश्विक सिनेमा में एक खास पहचान मिलेगी।

फिल्म की दुनियाभर में होने वाली रिलीज़ भारतीय सिनेमा की उस बढ़ती महत्वाकांक्षा को भी दर्शाती है, जिसके तहत देश की पहचान और संस्कृति से जुड़ी कहानियों को अलग-अलग संस्कृतियों के दर्शकों तक पहुँचाया जा रहा है। 100 से अधिक देशों में ‘रामायण’ को रिलीज़ करके फिल्म का उद्देश्य भारत और दुनिया के बीच एक सांस्कृतिक सेतु बनाना है। इसके जरिए अंतरराष्ट्रीय दर्शक इस महागाथा की प्रासंगिकता, इसके मूल्यों और भारतीय सभ्यता में इसके महत्व को जान सकेंगे।

जैसे-जैसे भारतीय सिनेमा दुनियाभर में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है, ‘रामायण’ देश की समृद्ध कहानी कहने की परंपरा और रचनात्मक महत्वाकांक्षा का एक उदाहरण बनकर सामने आ रही है। इसकी वैश्विक रिलीज़ सिर्फ स्क्रीन्स या देशों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक जड़ों, परंपराओं और कालजयी कहानियों को दुनिया के साथ साझा करने का अवसर भी है।

दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित महागाथाओं में से एक को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करते हुए ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, रॉकिंग स्टार यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे।

नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित और नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज़ द्वारा आठ बार ऑस्कर जीत चुकी कंपनी डीएनईजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के सहयोग से निर्मित ‘रामायण’ को दो भागों में बनाया गया है। फिल्म का पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दुनियाभर में रिलीज़ होगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 में आएगा। भारत में यह फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज़ होगी।

फिल्म आईमैक्स में भी रिलीज़ होगी। भारत को छोड़कर दुनियाभर में इसका वितरण सोनी पिक्चर्स करेगी, जबकि हिंदी भाषी बाजार में धर्मा प्रोडक्शंस फिल्म का वितरण करेगी।

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