बाघ का आतंक! जंगल में मवेशी चराने गए किसान को बनाया निवाला, गाय और बछड़े का भी किया शिकार

बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के खैरलांजी वन परिक्षेत्र में आने वाले ग्राम पांडरवानी से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां गांव से लगे जंगल में मवेशी चराने गए 50 साल के किसान देवकराम वाघमारे को बाघ ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया है। इतना ही नही खूंखार बाघ ने किसान के साथ एक गाय और उसके बछड़े को भी अपना शिकार बना लिया। एक साथ तीन मौतों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पांडरवानी निवासी किसान देवकराम वाघमारे रोज की तरह अपनी गाय और बछड़े को लेकर गांव से लगे जंगल की तरफ चराने गए थे। देर शाम तक जब वे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की।
रात और अगले दिन सुबह ग्रामीणों के साथ जब परिजन तलाश करते हुए श्मशान घाट से लगे घने जंगल के अंदर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। जंगल में गाय और बछड़ा मृत पड़े थे, वहीं कुछ दूरी पर देवकराम खून से लथपथ हालत में मृत मिले।
पंजों के निशान देख बाघ के हमले की पुष्टि घटनास्थल के आसपास वन्यप्राणी बाघ के पंजों के निशान और हमले के गहरे चिन्ह मिले हैं। ग्रामीणों की आशंका है कि बाघ ने पहले गाय और बछड़े पर हमला किया होगा और जब किसान ने उन्हें बचाने या भागने की कोशिश की तो बाघ ने उन पर भी हमला कर मार डाला।
घटना की सूचना मिलते ही मिरगपुर सरपंच दीपक देशमुख और वन विभाग का अमला मौके पर पहुँचा। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर पंचनामा तैयार किया और साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि इससे पहले कान्हा बफर जोन से सटे ग्राम पर्रापुर में भी बाघ ने सगुनी बाई बैगा नाम की महिला को अपना शिकार बनाया था। अब खैरलांजी क्षेत्र में लगातार बाघ की मौजूदगी और इस हमले से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति गहरा असंतोष है।




