फरवरी का अधूरा आवंटन, मार्च में दो माह का राशन वितरण कैसे होगा, गोदामों में चावल की कमी से बढ़ा पीडीएस संकट

कोरबा, 24 मार्च 2026। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की व्यवस्था एक बार बिगड़ने के बाद अब तक पटरी पर नहीं लौट पाई है। अमानक चावल के भंडारण की जांच के दौरान बड़े पैमाने पर लॉट रोके जाने, परिवहन व्यवस्था में अव्यवस्था और गोदामों में विलंबित भंडारण के कारण राशन वितरण प्रभावित हो गया है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं के साथ-साथ उचित मूल्य दुकानों के संचालकों पर भी पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि फरवरी माह का पूरा आवंटन अभी तक दुकानों तक नहीं पहुंच पाया है, जबकि मार्च माह का वितरण शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। ऐसे में दुकानदारों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि पर्याप्त चावल उपलब्ध न होने के कारण वे दोनों महीनों का राशन एक साथ कैसे वितरित करें।
उचित मूल्य दुकान संचालकों का कहना है कि फरवरी में केवल एक बार आवंटन मिला था, इसके बाद व्यवस्था गड़बड़ा गई और मार्च शुरू हो गया। मार्च का स्टॉक तो कुछ हद तक भंडारित कर दिया गया, लेकिन फरवरी का शेष आवंटन अब तक नहीं मिला है। ऐसे में कई दुकानों में फरवरी माह का कोटा ही उपलब्ध नहीं है।
संचालकों ने बताया कि अधिकारियों द्वारा निर्देश तो दे दिए गए हैं कि फरवरी और मार्च का राशन एक साथ वितरित किया जाए, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि गोदामों में पर्याप्त चावल ही नहीं है। उपभोक्ताओं को आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन वितरण नहीं हो पाने से रोजाना उन्हें नाराजगी और शिकायतों का सामना करना पड़ रहा है।
सात माह से कमीशन नहीं, संचालकों में नाराजगी
पीडीएस संचालकों ने यह भी बताया कि पिछले सात महीनों से उन्हें कमीशन राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इसके बावजूद उन्हें लगातार दबाव में काम करना पड़ रहा है। सुबह से शाम तक उपभोक्ताओं के सवाल और नाराजगी झेलने के साथ-साथ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना उनके लिए चुनौती बन गया है।
अपग्रेडेशन से वितरण और प्रभावित
तकनीकी मशीनरी के अपग्रेडेशन के चलते करीब पांच दिनों तक राशन वितरण पूरी तरह प्रभावित रहा। अब 26 मार्च से 31 मार्च के बीच वितरण शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इस पर भी संशय बना हुआ है।
अप्रैल में तीन माह का एक साथ वितरण संभव
जानकारी के अनुसार मार्च माह समाप्त होने के बाद अप्रैल में अप्रैल, मई और जून—तीन माह का राशन एक साथ वितरित करने की स्थिति बन सकती है। इससे पीडीएस दुकानों में भीड़ बढ़ने और उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ने की आशंका है।
जमीनी हकीकत और दावों में अंतर
एक ओर नान और खाद्य विभाग के अधिकारी भंडारण व्यवस्था को पर्याप्त बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्थिति इससे अलग नजर आ रही है। शहर में ही जब यह हाल है, तो ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल, अतिरिक्त ट्रांसपोर्टरों की व्यवस्था कर भंडारण सुधारने की कोशिश की जा रही है, लेकिन फरवरी और मार्च के संयुक्त वितरण की मौजूदा व्यवस्था को दुरुस्त किए बिना समस्या का समाधान होता नजर नहीं आ रहा।




