प्रदेश के बजट से गांव, गरीब और किसानों को ठगा गया : रमेश पैगवार

जांजगीर चांपा। प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया लगातार सामने आ रही है। पूर्व कार्यकारी जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश पैगवार ने बजट की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह बजट केवल औपचारिकता निभाने के लिए पेश किया गया है और इसमें वास्तविक विकास की कोई स्पष्ट दिशा दिखाई नहीं देती।
रमेश पैगवार ने कहा कि बजट में आंकड़ों का मायाजाल प्रस्तुत किया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर गांव, गरीब और किसानों के हितों के लिए ठोस प्रावधान नहीं किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में संचालित मनरेगा योजना में राज्य सरकार को केवल 10 प्रतिशत अंश राशि वहन करनी होती थी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होते थे और गांवों का विकास संभव हुआ था।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र की भाजपा सरकार ने योजना का नाम और स्वरूप बदलकर वीबीजी राम जी योजना कर दिया है, जिसमें राज्य सरकार को 40 प्रतिशत अंश राशि वहन करने का प्रावधान किया गया है। लेकिन प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार ने अपने बजट में इस योजना के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान नहीं किया है। इससे आशंका है कि यह योजना प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पाएगी और ग्रामीण गरीबों को रोजगार से वंचित होना पड़ेगा।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि बजट में बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई ठोस योजना या पर्याप्त वित्तीय प्रावधान नजर नहीं आता। इसके अलावा शहरों के बुनियादी ढांचे और विकास के लिए भी अपेक्षित स्तर पर राशि आवंटित नहीं की गई है।
रमेश पैगवार ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार का यह बजट जनहित से दूर है और इससे गांव, गरीब तथा किसानों को ठगा गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।




