पांचवे दिन भी जारी है भूख हड़ताल: आशाओं ने किया प्रदर्शन, प्रभावित हो रहा मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान

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हरदाएक घंटा पहले

छह सूत्रीय मांगों को लेकर जिले में कार्यरत करीब 5 सौ से अधिक आशा कार्यकर्ता पिछले पांच दिनों से हड़ताल पर है। शुक्रवार को आशा कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल परिसर में धरनास्थल पर भूख हड़ताल कर प्रदर्शन कर अपनी सभी मांगो को पूरा किए जाने को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है। 14 नवंबर से मीजल्स-रूबेला निर्मूलन टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। इस अभियान के शुरू होने से पहले ही जिले की आशा-उषा कार्यकर्ता हड़ताल पर चली गई है।इसलिए पहले दिन ही टीकाकरण प्रभावित होता दिखा रहा है। खसरा मुक्त प्रदेश बनाने के लिए बाल दिवस के अवसर पर मीजल रूबेला अभियान शुरू किया गया है।

अभियान में उन बच्चों को टीका लगाया जा रहा है। जिन्हें यह टीका नहीं लग सका है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं ने सर्वे कर ऐसे बच्चों को चिन्हित भी कर लिया। आशा-उषा संघ की जिला कार्यकारी अध्यक्ष कौशल्या पाल का कहना है कि जिले की 500 आशा कार्यकर्ता सहित प्रदेश भर की आशा कार्यकर्ता सोमवार से हड़ताल पर है। सरकार ने हमसे विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं में काम कराया, लेकिन उसका पैसा सरकार ने नहीं दिया।इसके अलावा नियमितिकरण की मांग भी पूरी नहीं की गई। हड़ताल के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रूबेला अभियान को लेकर फर्जी रिपोर्ट लगा रहे हैं।जबकि आशा कार्यकर्ताओं की गैर मौजूदगी में ग्रामीण क्षेत्रों में यह अभियान पूरी तरह ठप पड़ा है। टिमरनी ब्लॉक अध्यक्ष अनिता चावड़ा ने कहा कि शुक्रवार रात को आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा धरना स्थल पर ही रात्रि जागरण किया जाएगा।वही शनिवार को रैली निकालकर कलेक्टर को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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