Chhattisgarh

पति की हत्या कर शव को सूटकेस में बंद कर फरार होने की आरोपिया जेल दाखिल

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

जशपुर – मुखबिर व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से मुम्बई में काम करने के दौरान गांव के ही रिश्तेदारी में देवर के साथ प्रेम संबंध की बात को लेकर हुये वाद विवाद व मारपीट के दौरान गुस्से में शील पट्टा से सिर में हमला कर हत्या की घटना को अंजाम देकर शव को सूटकेश में भर कर फरार होने की आरोपिया पत्नी को दुलदुला पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।


इस हत्याकाण्ड के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने बताया कि विगत दिवस 09 नवम्बर को थाना दुलदुला क्षेत्रांतर्गत ग्राम भिंजपुर में एक घर में मृतक संतोष भगत की सूटकेस में लाश मिली थी। पुलिस ने मृतक संतोष भगत के बड़े भाई विनोद भगत की रिपोर्ट पर थाना दुलदुला में हत्या के लिये बीएनएस की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया था।

विवेचना के दौरान पुलिस ने अपने पति संतोष भगत की हत्या करने वाली आरोपिया मंगरीता भगत को चिन्हित कर लिया था , जो कि घटनाकारित कर फरार हो गई थी। पूछताछ पर आरोपिया मंगरीता भगत ने बताया कि वह पूर्व में मुम्बई में काम कर रही थी , तथा उसका पति मृतक संतोष भगत भिंजपुर में ही रहता था।‌ वह माह अगस्त 2025 में ही मुम्बई से अपने गांव भिंजपुर में अपने पति मृतक संतोष भगत के पास आई थी। चूंकि आरोपिया का प्रेम संबंध काफी समय से गांव के ही रिश्तेदारी में देवर विनोद के साथ था , जो भी वर्तमान में मुम्बई में काम कर रहा है। उसी बात को लेकर मृतक संतोष भगत व आरोपिया के मध्य पूर्व से ही वाद विवाद होता रहता था तथा मृतक संतोष भगत मारपीट करता रहता था। घटना दिनांक 07 नवम्बर की दोपहर को वह बाजार गई थी , शाम लगभग छह बजे वह बाजार से वापस घर आई तब मृतक संतोष भगत शराब के नशे में घर में ही सोया हुआ था। रात्रि लगभग आठ बजे आरोपिया मंगरीता भगत अपने लिए खाना निकालकर खाने लगी और उसने मृतक संतोष भगत को खाना निकालकर नहीं दिया , जिससे मृतक संतोष भगत नाराज हो गया व खाना निकालकर नहीं देने व आरोपिया मंगरीता भगत के साथ विनोद के संबंध को लेकर उससे मारपीट व वाद विवाद करने लगा। जिससे आरोपिया घर से बाहर निकली , व अपनी मझली बेटी जो कि कोरबा में रहती है उसे फोन कर विवाद की जानकारी दे ही रही थी। तभी मृतक संतोष भगत घर के दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया व आरोपिया मंगरीता भगत के बार – बार दरवाजा खोलने के लिये बोलने पर भी दरवाजा नहीं खोल रहा था। जिससे नाराज होकर आरोपिया मंगरीता भगत घर के बाहर रखे लोहे की गैंती से दरवाजे के किवाड़ को तोड़ दिया , जिससे दरवाजा मृतक संतोष भगत के ऊपर गिर गया।

फिर आरोपिया घर के अंदर घुसी व घर में रखे शील पट्टा को ऊपर उठाकर नीचे गिरे मृतक संतोष भगत के सिर पर एक बार हमला कर दिया , जिससे मृतक संतोष भगत के सिर से खून निकलने लगा। उस वक्त मृतक संतोष भगत मूर्छित अवस्था में था , फिर कुछ देर के पश्चात आरोपिया ने सोचा कि यदि मृतक संतोष भगत को होश आ गया तो वह उसे नहीं छोड़ेगा , अतः पुनः आरोपिया मंगरीता भगत के द्वारा उसी शील पट्टा से दूसरी बार मृतक संतोष भगत के सिर में हमला किया , जिससे मौके पर ही संतोष भगत की मृत्यु हो गई। फिर आरोपिया मंगरीता भगत के टूटे दरवाजे को उठाकर मृतक संतोष भगत को वहीं नीचे जमीन में छोड़कर सोने चली गई। रात्रि लगभग दो बजे वह उठी और मृतक संतोष भगत को घर में रखे ट्रॉली सूटकेस में भर कर घर में बिखरे खून को साफ कर दिया। आरोपिया के द्वारा लाश भरी सूटकेश को उठाकर ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया था परंतु अत्यधिक वजन होने के कारण वह ऐसा नहीं कर पाई। फिर दूसरे दिन‌ उसने गांव के ही एक बढ़ाई को बुलाया व घर के किवाड़ को सुधरवाया , बढ़ाई व मृतक के माता पिता के द्वारा मृतक संतोष भगत के बारे में पूछने पर उन्हें झूठ बोल दिया कि वह सुबह सुबह रांची चला गया है। फिर उसी दिन दोपहर बाद लगभग तीन बजे वह लाश भरी सूटकेश को घर के अंदर छोड़कर घर को बाहर से लॉक कर फरार होने के इरादे से बस से रायगढ़ चली गई व वहीं से कोरबा में रह रही अपनी मझली बेटी को हत्या के संबंध में फोन कर बताया।आरोपिया मंगरीता भगत रायगढ़ से ट्रेन के द्वारा मुम्बई जाने हेतु निकली थी , इसी दौरान जशपुर पुलिस की टीम के द्वारा मनमाड़ जक्शन , जिला नासिक (महाराष्ट्र) से आरोपिया मंगरीता भगत को आरपीएफ पुलिस के सहयोग से हिरासत में ले लिया गया व वापस लाया गया। आरोपिया को पकड़ने में जीआरपी की एसपी श्रीमती श्वेता सिन्हा , डीएसपी अख्तर व आरपीएफ पुलिस का विशेष सहयोग रहा है। पुलिस के द्वारा आरोपिया मंगरीता भगत के निशान देही पर हत्या में प्रयुक्त शील पट्टा को भी जप्त कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपिया मंगरीता भगत के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त अपराध सबूत पाये जाने पर थाना दुलदुला पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। मामले की कार्यवाही व आरोपिया की गिरफ्तारी में निरीक्षक संत लाल आयाम , निरीक्षक कृष्ण कांत साहू थाना प्रभारी दुलदुला , महिला प्रधान आरक्षक चम्पा पैंकरा , आरक्षक पंकज कुजूर , एलेक्शियूस तिग्गा , सालदान टोप्पो व सायबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

गिरफ्तार आरोपिया –

मंगरीता भगत उम्र 40 वर्ष निवासी – भिंजपुर , थाना – दुलदुला , जिला – जशपुर (छत्तीसगढ़)।

Related Articles

Back to top button