Chhattisgarh

पंचायत में शासकीय राशि के आहरण-भुगतान में अनियमितता का आरोप, जांच की मांग

सारंगढ़/खर्री बड़े। ग्राम पंचायत खर्री बड़े में शासकीय राशि के आहरण एवं भुगतान में कथित अनियमितता, पंचायत बैठकों की वैधानिकता और सामग्री क्रय प्रक्रिया के पालन को लेकर उपसरपंच, पंचगण एवं ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित अधिकारी, सारंगढ़ को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक पंचायत के सभी बैंक खातों पर अंतरिम रोक (डेबिट फ्रीज/होल्ड) लगाने की मांग की है।

शिकायत में 15 अप्रैल 2026 को पंचायत की प्रस्ताव पंजी में दर्ज विभिन्न कार्यों के लिए किए गए भुगतान एवं आहरण की जांच की मांग की गई है। इनमें पनखती तालाब मेंड़ सीसी रोड निर्माण के लिए डीएमएफ मद से देव ट्रेडर्स को 2 लाख रुपये, मुख्य मार्ग से मौंहाढोंढा तक सीसी रोड के लिए देव ट्रेडर्स को 2 लाख रुपये तथा पनखती तालाब मेंड़ सीसी रोड के लिए संस्कार ट्रेडर्स को 5 लाख 84 हजार 633 रुपये के भुगतान का उल्लेख है। इसके अलावा मोहन पटेल एवं लोचन चौहान के घर के पास मोटर पंप के लिए करीब 50-50 हजार रुपये के भुगतान का भी जिक्र किया गया है।

ग्रामीणों एवं पंचों ने इन भुगतानों की स्वीकृति, मूल प्रस्ताव, बिल-वाउचर, बैंक अभिलेख तथा संबंधित कार्यों की वास्तविक स्थिति का स्थल सत्यापन कराने की मांग की है। साथ ही 15 अप्रैल की बैठक में सभी पंचों को नियमानुसार सूचना दिए जाने, वास्तविक उपस्थिति, निर्धारित कोरम तथा प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया का पालन किए जाने की भी जांच की मांग की गई है।

शिकायतकर्ताओं ने सामग्री खरीदी में माल क्रय नियम 2013 सहित लागू वित्तीय नियमों के तहत कोटेशन, दर स्वीकृति, अनुमोदन एवं निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने की आशंका भी जताई है। उन्होंने पंचायत सचिव विश्राम राव के 25 अगस्त 2011 से लगातार ग्राम पंचायत खर्री बड़े में पदस्थ रहने का उल्लेख करते हुए पदस्थापना एवं स्थानांतरण नियमों के अनुरूप इसकी भी जांच कराने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि पूर्व में केवल एसबीआई सारंगढ़ शाखा के एक खाते से आहरण पर रोक लगाए जाने की जानकारी है, जबकि पंचायत के अन्य बैंक खातों से भी शासकीय राशि के आहरण की संभावना बनी हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने तक सभी बैंक खातों पर डेबिट फ्रीज/होल्ड लगाने की मांग की गई है।

शिकायतकर्ताओं ने 15 अप्रैल 2026 के मूल प्रस्ताव, सूचना एवं उपस्थिति पंजी, बिल-वाउचर और बैंक अभिलेखों को सुरक्षित रखते हुए स्वतंत्र जांच कराने तथा अनियमितता प्रमाणित होने पर संबंधित जिम्मेदार लोगों से राशि की वसूली कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

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