नियमों का उल्लंघन: एक बार फिर श्रमिक वेलफेयर के 82 करोड़ बिजली सब्सिडी में जाएंगे, दिसंबर 2021 में भी 416.17 करोड़ दिए

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भोपालएक घंटा पहले

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मप्र के तीन लाख से अधिक श्रमिकों के वेलफेयर के लिए रखे फंड में से 82 करोड़ रुपए बिजली सब्सिडी में डालने की तैयारी है। इसकी फाइल चल गई है। दिसंबर 2021 में भी 416.17 करोड़ रुपए इसी तरह बिजली सब्सिडी के रूप में दिए गए थे। ताजा मामले काे रोकने के लिए पीआईएल लगाने की कोशिश हो रही है। श्रमिकों के वेलफेयर के लिए जुटने वाली इस राशि का उपयोग 15 से अधिक योजनाओं में होता है। इसमें दुर्घटना के दौरान मदद, मृत्यु उपरांत सहायता, प्रसव में राशि सहयोग और विदेश में पढ़ाई आदि के उपयोग शामिल हैं।

पूर्व में 416.17 करोड़ की रकम यह कहकर दी गई कि जो संबल योजना में पंजीकृत श्रमिक हैं, उन्हें सौ यूनिट बिजली सौ रुपए में दी जाती है। यह सब्सिडी वाली है, जिसकी बाकी राशि श्रम विभाग की ओर से बिजली विभाग को दी गई है। इस बार भी कुछ यही तर्कों के साथ पैसा देने की तैयारी है।

इस तरह जुटता है वेलफेयर का पैसा

सरकारी और निजी निर्माण की कुल लागत का एक प्रतिशत श्रमिकों के वेलफेयर के रूप में ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय एकत्रित करते हैं। यही पैसा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल के पास पहुंचता है। इस फंड को खर्च करने के लिए 1996 में एक्ट बना हुआ है। इसके मुताबिक कुल राशि का सिर्फ 5 प्रतिशत ही प्रशासनिक व्यय होगा। बाकी पैसा वेलफेयर पर खर्च होगा। यह पैसा किसी विभाग को डायवर्ट नहीं होगा।

अध्यक्ष बोले- अभी मैं दौरे पर हूं, लौटकर देखूंगा
“अभी राशि जारी नहीं की गई है। मैं फिलहाल दौरे पर हूं। लौटकर सारी स्थिति देखता हूं। श्रमिकों का वेलफेयर ही हमें करना है। पूरी स्कीमें बनी हुई हैं।’”
– हेमंत तिवारी, अध्यक्ष, भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल, मप्र

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