Chhattisgarh

निगम की ई.ई.रूचि साहू पर ठेकेदार द्वारा लगाया गया आरोप झूठा, निराधार व दुर्भावनापूर्ण

0 झूठे व निराधार आरोप से मानसिक संत्रास से गुजर रही महिला अधिकारी

0 ई.ई. साहू ने आंतरिक शिकायत समिति में शिकायत कर की उचित कार्यवाही की मांग

कोरबा, 15 अक्टूबर – नगर पालिक निगम कोरबा की कार्यपालन अभियंता रूचि साहू पर ठेकेदार अंकुश मिश्रा द्वारा भुगतान की फाईल रोकना, पैसे की मांग करने का आरोप लगाना पूर्णतः झूठा, निराधार व दुर्भावनापूर्ण आरोप है, इस तरह के निराधार व झूठे आरोप से उक्त महिला अधिकारी लगातार मानसिक संत्रास से गुजर रही हैं। उन्होने निगम की आंतरिक शिकायत समिति (विशाखा समिति) के समक्ष उक्त संबंध में शिकायत प्रस्तुत कर नियमानुसार उचित कार्यवाही की मांग की है।

कार्यपालन अभियंता रूचि साहू ने समिति को अपनी शिकायत प्रस्तुत करते हुये कहा है कि 07 अक्टूबर को शाम के समय मैं अपने कक्ष में लंबित कार्यो का निपटारा कर रही थी, तभी कार्यालयीन समय समाप्त हो जाने के पश्चात साढे़ 06 बजे से साढे़ 07 बजे के दरम्यान ठेकेदार अंकुश मिश्रा ने मेरे कक्ष में प्रवेश किया, मेरे द्वारा इस पर आपत्ति जाहिर की गई तथा उचित समय पर आने के लिये कहा गया, किन्तु वे बाहर नहीं गये और मुझे घूरते रहे, जिससे मुझे असहजता महसूस हुई, उनका यह व्यवहार मेरे लिये अहसज, तनावपूर्ण एवं असुरक्षा की भावना उत्पन्न करने वाला था, किसी भी महिला अधिकारी कर्मचारी के कक्ष में कार्यालयीन समय के पश्चात किसी का भी प्रवेश करना, निषिद्ध है। उन्होने कहा है कि अंकुश मिश्रा द्वारा पूर्व में भी कई बार कार्यालय समय के पश्चात बिना अनुमति मेरे कक्ष में प्रवेश किया गया है, मेरे द्वारा इस संबंध में आपत्ति जताये जाने के बावजूद इस प्रकार का व्यवहार बार-बार दोहराया गया है।

सोशल मीडिया में कराया झूठा प्रसार- ई.ई. साहू ने अपने शिकायत पत्र में आगे कहा है कि ठेकेदार अंकुश मिश्रा, असलम खान एवं पोर्टल संचालक अब्दुल सुल्तान द्वारा सोशल मीडिया में भी मेरे विरूद्ध कथित झूठे आरोपों से संबंधित समाचार जैसी सामग्री एवं मीम्स तैयार कर एवं मेरी व्यक्तिगत फोटो दर्शा कर व्हाट्सअप के माध्यम से अन्य लोगों तक प्रसारित किया गया है, इस प्रकार की गतिविधियों से मेरी सामाजिक एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है तथा मुझे मानसिक तनाव एवं सामाजिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।

ठेकेदार का धमकीपूर्ण व डराने वाला व्यवहार

साहू ने अपनी शिकायत पत्र में आगे कहा है कि ठेेकेदार का व्यवहार मेरे प्रति सदैव अपमानजनक व असम्मानजनक रहा है, उनके व्यवहार से मुझे एक महिला अधिकारी के रूप में अपमानित व प्रताड़ित होना पड़ा है, उक्त ठेकेदार द्वारा मेरे प्रति धमकीपूर्ण एवं डराने वाला व्यवहार किया गया है, जिसके कारण मुझे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अपने कार्य स्थल पर स्वतंत्र व सुरक्षित रूप से कार्य करने में असमर्थता महसूस हो रही है।

व्यक्तिगत व व्यवसायिक प्रतिष्ठा को पहुुंचाया गया नुकसान

रूचि साहू ने अपने शिकायत पत्र में बताया कि संबंधित ठेकेदार द्वारा मेरे विरूद्ध झूठा व निराधार आरोप लगाया गया कि मैंने फाईल रोक रखी है तथा उनसे रिश्वत की मांग की है, उनके इस आरोप से मेरी व्यक्तिगत व व्यवसायिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होने आगे बताया कि मेरे सज्ञान में अंकुश मिश्रा ठेकेदार मेसर्स के.पी.शर्मा कोरबा की फाईल पी..की राशि रूपये 34176 से संबंधित है, जो 28.09.2026 को मेरे समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसके पश्चात मेरे द्वारा दिनांक 28.09.2026 को ही फाईल में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु सहायक अभियंता एवं उप अभियंता को प्रेषित कर दिया गया, जिसमें उप अभियंता द्वारा 30.09.2026 को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया और सहायक अभियंता को प्रेषित किया गया। मेरे समक्ष ऐसी कोई फाईल प्रस्तुत नहीं की गई थी, जिसके संबंध में मेरे द्वारा उसे रोकने और रिश्वत की मांग करने का प्रश्न उठता हो।

उचित कार्यवाही मांग की

साहू ने समिति को शिकायत पत्र प्रस्तुत कर कहा है कि उपरोक्त घटनाओं से मुझे एवं मेरे परिवार को मानसिक परेशानी हुई है तथा मेरे लिये कार्य स्थल पर सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण बनाया रखना कठिन हो रहा है, अतः समिति से अनुरोध है कि मेरी शिकायत को विधिवत दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, संबंधित व्यक्तियों के व्यवहार एवं मेरे विरूद्ध सामग्री प्रसारित किये जाने के संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाए, आवश्यकतानुसार संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार उचित कार्यवाही की जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो एवं कार्य स्थल पर सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कदम उठायें जाए। उन्होने मांग की है कि शिकायत के कारण मुझे किसी भी प्रकार की प्रताड़ना एवं प्रतिकूल व्यवहार का सामना न करना पड़े, इसके लिये उचित संरक्षण प्रदान किया जाए। साहू ने प्रकरण की जांच हेतु उपलब्ध साक्ष्य, व्हाट्सअप संदेशों व सामग्री के स्क्रीन शॉट तथा गवाहों का विवरण आवश्यकतानुसार प्रस्तुत करने की बात भी कही है।

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