धूमधाम से मनाई गई भैरव जयंती: भक्तों ने केक काटकर मनाया भैरव बाबा का जन्मदिन

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विदिशाएक घंटा पहले

विदिशा में काल भैरव जयंती धूमधाम से मनाई गई। मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हर साल कालभैरव जयंती के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान काल भैरव का अवतरण हुआ था। भैरव बाबा मंदिर में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ भैरव अष्टमी मनाई गई। मंदिरो में श्रृदालुओं ने पूजन, हवन किया तो वही देर रात को महाआरती का आयोजन किया। अवसर पर भक्तों ने काल भैरव बाबा के दर्शन करके आशीर्वाद लेकर प्रसादी ग्रहण की तो वहीं काछी कुआ क्षेत्र में स्थित काल भैरव मंदिर में भैरव जयंती के अवसर पर भक्तों ने पूजन अर्चना करने के वाद केक काटकर भैरव जयंती मनाई। देर रात तक मंडलियों द्वारा भजनों का कार्यक्रम आयोजित किया गया। भगवान शिव के कई रूपों में से एक रूप काल भैरव भी है। भगवान शिव का ये रूप रौद्र रूप माना माना जाता है। हर साला मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को काल भैरव जयंती के रूप में मनाया जाता है। इसे भैरव जयंती, भैरव अष्टमी, कालाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है।

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