धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण: टोकन नहीं मिलने से किसान परेशान, पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने जताई नाराज़गी

कोरबा। धान खरीदी केंद्रों में किसानों को हो रही समस्याओं का जायजा लेने शुक्रवार को पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने दादर, सुमेधा एवं नागिन भाठा धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी परेशानियां सुनीं।

किसानों ने बताया कि उन्हें समय पर टोकन नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण धान बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर पूर्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में किसानों को धान विक्रय के दौरान अनेक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
अग्रवाल ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का न तो समय पर खरीदी लाभ मिल पा रहा है और न ही उचित मूल्य। उन्होंने तौल में भी गड़बड़ी की शिकायतों को गंभीर बताया। निरीक्षण के दौरान नकटीखार निवासी किसान निर्मल सिंह कंवर ने बताया कि उसके पास लगभग 50 क्विंटल धान उपलब्ध है, लेकिन उसे मात्र 12 क्विंटल धान बेचने का ही टोकन दिया गया है।
पूर्व मंत्री ने धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक जमाल खान से व्यवस्थाओं एवं तौल प्रक्रिया को लेकर जानकारी ली। किसानों ने आरोप लगाया कि तौल में हेराफेरी की जा रही है और पर्याप्त मात्रा में धान की खरीदी नहीं हो रही है।
इस संबंध में अग्रवाल ने जिला खाद्य अधिकारी से भी चर्चा कर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की।
मौके पर मौजूद जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किसानों का दाना-दाना धान खरीदा जाता था। वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाथूलाल यादव ने खरीदी सीमा (लिमिट) बढ़ाने की मांग रखी।
नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने कहा कि धान खरीदी की लिमिट कम होने के कारण ही किसान अपनी पूरी उपज नहीं बेच पा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।










