Chhattisgarh

धमतरी में साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता अभियान, 800 से ज्यादा लोगों को बताए ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके

धमतरी, 11 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” के तहत धमतरी पुलिस लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में अभियान के चौथे सप्ताह में महिलाओं, छात्राओं और आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराध और स्मार्टफोन प्राइवेसी से बचाव के उपाय बताए गए। 10 सितंबर को जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में 800 से अधिक नागरिकों ने हिस्सा लिया।

छत्तीसगढ़ पुलिस का यह अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। अभियान के चौथे सप्ताह यानी 6 से 12 सितंबर के दौरान धमतरी पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। अर्जुनी, रूद्री, भखारा, मगरलोड, बिरेझर, केरेगांव, अकलाडोंगरी, नगरी, सिहावा और बोरई थाना/चौकी क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचने की जानकारी दी।

पुलिस ने लोगों को समझाइश दी कि OTP, UPI PIN, बैंक खाते की जानकारी, ATM या डेबिट कार्ड की डिटेल और पासवर्ड किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। इसके अलावा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, फर्जी वेबसाइट पर अपनी जानकारी दर्ज करने और अनजान मोबाइल ऐप को अनावश्यक परमिशन देने से बचने की सलाह दी गई।

जागरूकता कार्यक्रमों में लोगों को यह भी बताया गया कि अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन शेयर न करें और किसी को रिमोट एक्सेस न दें। सोशल मीडिया अकाउंट को सुरक्षित रखने, मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करने और संदिग्ध गतिविधियों से सावधान रहने के बारे में भी जानकारी दी गई।

महिलाओं और छात्राओं को विशेष रूप से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न और आपत्तिजनक संदेशों से बचाव के तरीके बताए गए। पुलिस ने कहा कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की स्थिति में चैट, स्क्रीनशॉट, लिंक और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना चाहिए, ताकि शिकायत की जांच में मदद मिल सके।

धमतरी पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने वाले लोगों से घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इसके साथ ही नजदीकी थाना या साइबर सेल को भी सूचना देनी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने और आगे की कानूनी कार्रवाई में मदद मिल सकती है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अनजान कॉल, मैसेज, लिंक और ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। अपनी डिजिटल और वित्तीय जानकारी को हमेशा गोपनीय रखें। पुलिस ने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

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