देवभूमि और छत्तीसगढ़ के बीच मजबूत हुआ वैचारिक सेतु, सीएम धामी ने मीडिया प्रतिनिधियों को हरिद्वार महाकुंभ का दिया निमंत्रण

रायपुर/देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में शनिवार को छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पहुंचे मीडिया प्रतिनिधियों और जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड के विकास मॉडल, सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण और पत्रकारों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा करते हुए दोनों राज्यों के बीच वैचारिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार “विकास भी, विरासत भी” के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि नैनीताल, गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ इन क्षेत्रों की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत भी सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऋषियों, मुनियों और संतों की तपोभूमि है तथा इसकी आध्यात्मिक पहचान और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री धामी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण जैसे कार्यक्रम राज्यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान का प्रभावी माध्यम बनते हैं। उन्होंने इस पहल के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह तथा जनसंपर्क विभाग के संयुक्त सचिव एवं आयुक्त रजत बंसल सहित पूरी टीम की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को सशक्त बनाने और पत्रकार कल्याण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास अनुकरणीय हैं। ऐसे कार्यक्रम मीडिया प्रतिनिधियों को विभिन्न राज्यों की विकास योजनाओं, संस्कृति और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को निकट से समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने छत्तीसगढ़ सहित देशभर के मीडिया प्रतिनिधियों को अगले वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान विभिन्न राज्यों के पत्रकारों को देवभूमि की आध्यात्मिक परंपरा, विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक वैभव को निकट से देखने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे अपने अनुभव देशभर के लोगों तक पहुंचा सकें।
उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत के बीच यह संवाद दोनों राज्यों के संबंधों को नई मजबूती देगा तथा राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के दुर्ग, रायपुर, कोरबा, बिलासपुर, जगदलपुर, राजनांदगांव, कोरिया और धमतरी सहित विभिन्न जिलों के मीडिया प्रतिनिधियों के साथ जनसंपर्क संचालनालय के अधिकारी उपस्थित रहे। उत्तराखंड सरकार की ओर से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक बंशीधर तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एस. पांडे, संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।




