जिंदगी और मौत से जूझते मरीज के लिए विधायक ब्यास कश्यप बने जीवन की उम्मीद, रक्तदान कर बचाई जान

जांजगीर–चांपा आज दोपहर जिला अस्पताल के एक वार्ड में भर्ती मरीज जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। नैला निवासी आलोक परमहंस को दुर्लभ A नेगेटिव रक्त की नितांत आवश्यकता थी। पिछले दो दिनों से परिजन लगातार प्रयास कर रहे थे, लेकिन कहीं भी A नेगेटिव रक्त उपलब्ध नहीं हो पा रहा था।
इसी दौरान जांजगीर जिला अस्पताल में पदस्थ चिकित्सक डॉ. लोकेंद्र कश्यप ने फोन पर यह जानकारी अपने पिता, जांजगीर–चांपा विधायक ब्यास कश्यप को दी। संयोग से विधायक का रक्त समूह भी A नेगेटिव है। सूचना मिलते ही उन्होंने बिना किसी देरी के आज दोपहर स्वयं जिला अस्पताल पहुंचकर मरीज के लिए रक्तदान किया।बिना किसी औपचारिकता और प्रचार के किया गया यह रक्तदान मरीज के लिए जीवन की नई उम्मीद बन गया। विधायक ब्यास कश्यप ने जनता के बीच किया गया “कतरा-कतरा लौटाने” का वादा एक बार फिर अपने कर्म से निभाया। उनका यह मानवीय कदम संवेदनशील जनप्रतिनिधित्व की सशक्त मिसाल बन गया।विधायक के इस कार्य से अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों की आंखें नम हो गईं। सभी ने इसे सच्चे जनसेवक की पहचान बताते हुए सराहना की।
रक्तदान के बाद विधायक ब्यास कश्यप ने कहा—
“मैं ईश्वर से मरीज के शीघ्र स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं। जिले की देवतुल्य जनता से आग्रह है कि समय-समय पर अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करें, ताकि जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके।”




