जामुल में छत्तीसगढ़ महतारी मूर्ति सृजन दिवस मनाया गया

छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का भव्य सांस्कृतिक आयोजन
महतारी मूर्ति स्थापना के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़िया अस्मिता की स्थापना
जामुल / जामुल नगर में रविवार को छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में भव्य सांस्कृतिक आयोजन संपन्न हुआ । यह आयोजन जामुल नगर के लिये आकर्षक का केंद्र बन गया । हजारों की भीड़ के साथ विभिन्न छत्तीसगढ़िया लोक कलाकारों के दल के साथ भव्य झांकियां निकाली गईं ।

छत्तीसगढ़ महतारी मूर्ति एसीसी चौक जामुल से शुरु हुई यह विशाल शोभायात्रा रावण भाठा जामुल के मुक्तांगन में जाकर संपन्न हुई । रात्रिकालीन आयोजन में सुभाष साहू कृत नवारंग छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम उतई ने आयोजन को यादगार बना दिया । बीच-बीच में हो रहे बारिश से भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ ।

सभा को छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव एवं मार्गदर्शक श्री ललित बघेल ने संबोधित किया । अजय यादव ने अपने संबोधन में शहीद शंकर गुहानियोगी को याद करते हुए कहा कि जामुल उनका एवं छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा का केंद्र बिंदु रहा है । जामुल नगर अन्याय एवं शोषण से लड़ने वालों की धरती रही है । आज फिर उन्ही वर्गों द्वारा सत्ता के संरक्षण में छत्तीसगढ़ियों का शोषण चरम पर पहुंच गया है ।

उन्होनें सभी क्रान्तिकारियों से एक होकर चलने का आह्वान किया । स्कूली व्यवस्था के ध्वस्त होने, किसानों के बदहाल होने, प्रदेश के युवाओं को शराब और सूखे नशे में डूबाने एवं औद्योगिक क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ियों के साथ प्रबंधन के भेदभावपूर्ण रवैये को तर्कपूर्ण ढंग से समझाते हुए डॉ.अजय यादव ने वर्तमान सरकार को दोषी ठहराया । आगामी नगर पालिका चुनाव में नगरवासियों से दोनों राष्ट्रीय पार्टियों को छोड़कर छत्तीसगढ़ियावादी नगर सरकार बनाने का आह्वान किया ।
इस अवसर पर क्रान्ति सेना के प्रदेश महामंत्री यशवंत वर्मा, जेसीपी महासचिव भूषण साहू, क्रान्ति सेना युवा प्रदेश अध्यक्ष शिवेंद्र वर्मा प्रदेश पदाधिकारी अरुण गंधर्व, धर्मेंद्र चंद्रहास सहित जिला अध्यक्ष जागेश्वर वर्मा, जेसीपी उपाध्यक्ष अप्पू मेश्राम ग्रामीण अध्यक्ष ऋषि साहू, महामंत्री पप्पू मेश्राम,नगर अध्यक्ष पूरण साहू रोशनी साहू एवं नगर जेसीपी अध्यक्ष कमल पटेल करुणा गंधर्व आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे । सभा का संचालन मधुकांत साहू ने किया ।




