Chhattisgarh

जांजगीर-चांपा में पुलिस की मानवीय पहल: पुलवामा में बंधक बनाए गए 4 परिवारों की हुई घर वापसी, 16 सदस्य सकुशल लौटे

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में ईंट भट्ठे पर बंधक बनाकर मजदूरी कराने वाले चार परिवारों के 16 सदस्यों को सकुशल मुक्त कराकर घर वापस लाया है। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय IPS की पहल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ समन्वय से यह पूरी कार्रवाई संभव हो सकी। जांजगीर-चांपा पुलिस ने सभी श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को अपने खर्चे से ट्रेन के माध्यम से जांजगीर पहुंचाया।

जानकारी के अनुसार, करीब तीन वर्ष पहले बम्हनीडीह थाना क्षेत्र के ग्राम कपिस्दा निवासी नरेश बंजारे, पवन बंजारे, मधु खडेल और सक्ती जिले के बाराद्वार निवासी संतोष टंडन रोजगार की तलाश में एक व्यक्ति के माध्यम से जम्मू-कश्मीर गए थे। वहां सभी मजदूर पुलवामा क्षेत्र में स्थित ईंट भट्ठे पर मजदूरी का काम करने लगे।

पीड़ित परिवारों के मुताबिक, ईंट भट्ठा मालिक द्वारा उनसे लगातार काम कराया जा रहा था, लेकिन मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि उन्हें बंधन में रखकर जबरन काम कराया जाता था। लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में रहने के बाद नरेश बंजारे ने किसी तरह फोन के माध्यम से अपने परिचित जवाहर टंडन को पूरे मामले की जानकारी दी।

इसके बाद जवाहर टंडन ने घटना की जानकारी भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष राम स्वरूप आजाद को दी। राम स्वरूप आजाद ने मामले को भीम आर्मी के प्रदेश महासचिव कलेश्वर खूंटे के संज्ञान में लाया। कलेश्वर खूंटे ने अपनी टीम के साथ पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय से मुलाकात कर जम्मू-कश्मीर में फंसे मजदूरों और उनके परिवारों की स्थिति से अवगत कराया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने तत्काल संज्ञान लिया और जम्मू-कश्मीर पुलिस से संपर्क एवं समन्वय स्थापित कराया। आवश्यक कार्रवाई के बाद पुलवामा में फंसे चारों परिवारों के कुल 16 सदस्यों को सुरक्षित रूप से मुक्त कराया गया।

इसके बाद जांजगीर-चांपा पुलिस ने इन परिवारों की घर वापसी की जिम्मेदारी भी उठाई। पुलिस ने अपने खर्चे से सभी श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए ट्रेन से जांजगीर तक आने की व्यवस्था की। लंबे समय बाद अपने जिले में पहुंचने पर परिवारों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ नजर आई।

जांजगीर पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों ने परिवारों की स्थिति की जानकारी ली। एसपी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क ने सभी परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद सभी परिवारों को पुलिस बस के माध्यम से सम्मानपूर्वक उनके गृह ग्राम रवाना किया गया।

करीब तीन वर्षों तक अपने घर और परिजनों से दूर कठिन परिस्थितियों में रहने के बाद चारों परिवारों की सुरक्षित वापसी से उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। इस पूरी पहल के माध्यम से जांजगीर-चांपा पुलिस ने यह संदेश दिया है कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट में फंसे लोगों की मदद और उनकी सुरक्षित घर वापसी के लिए भी पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है।

इस कार्रवाई को जांजगीर-चांपा पुलिस की मानवीय पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मजदूरी के लिए गए चार परिवारों के 16 सदस्यों को बंधन से मुक्त कराकर सकुशल उनके घर पहुंचाया गया।

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