Chhattisgarh

जर्जर सड़कों को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, डीबीएल कंपनी गेट पर किया प्रदर्शन

कोरबा। कुदमुरा-स्यांग और बरपाली-दादरपारा मार्ग की खराब हालत से परेशान ग्रामीणों ने बुधवार को डीबीएल कंपनी के प्लांट गेट के सामने प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन ग्रामीणों ने सड़क की दुर्दशा को लेकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सुबह से ही जिल्गा और दादरपारा क्षेत्र के आसपास के गांवों के लोग डीबीएल कंपनी के यार्ड के मुख्य गेट पर एकत्र होने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कंपनी के भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से कुदमुरा-स्यांग और बरपाली-दादरपारा मार्ग पूरी तरह खराब हो चुके हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, धूल और कीचड़ के कारण लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को हो रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे गांवों का संपर्क प्रभावित होता है। प्रदर्शनकारियों ने सड़क की तत्काल मरम्मत, नियमित पानी छिड़काव और भारी वाहनों के संचालन पर नियंत्रण की मांग उठाई।

आंदोलन के दौरान ग्रामीण प्रतिनिधियों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत हुई। चर्चा में ग्रामीणों ने साफ कहा कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों के दबाव के बाद कंपनी प्रबंधन ने सड़क मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराने और धूल की समस्या कम करने के लिए नियमित पानी छिड़काव कराने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही सुरक्षा संबंधी आवश्यक कदम उठाने पर भी सहमति बनी।

कंपनी की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। आंदोलन के बाद जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो ने कहा कि ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं को लेकर यह प्रदर्शन किया गया था और यदि जल्द सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ तो आगे फिर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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