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जन विश्वास अधिनियम-2026, रेलवे में हुए 7 बड़े बदलाव, जानें अब किस गलती पर कितना होगा जुर्माना

Bihar news: ​भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जन विश्वास अधिनियम-2026 के तहत बड़े बदलाव किए हैं। यह नया कानून आगामी 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगा। इस अधिनियम का मुख्य लक्ष्य छोटी-मोटी गलतियों के लिए यात्रियों को जेल भेजने के बजाय प्रशासनिक जुर्माने के जरिए दंडित करना है ताकि न्यायिक प्रक्रिया का बोझ कम हो सके।

​प्रमुख बदलाव और जुर्माने के प्रावधान
​रेलवे प्रशासन ने मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेल खंड सहित सभी आरपीएफ पोस्टों को इन नए नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:

​टिकट से जुड़ी धोखाधड़ी: बिना टिकट या दूसरे के नाम पर बुक टिकट पर यात्रा करने पर टिकट जब्त कर ली जाएगी। इसके साथ ही, किराए के अलावा न्यूनतम 500 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा। भुगतान न करने पर 6 महीने तक की कैद हो सकती है।
​अवैध वेंडिंग और भिक्षावृत्ति: रेलवे परिसर या ट्रेन में बिना लाइसेंस सामान बेचने वालों पर 2000 रुपये का जुर्माना लगेगा। साथ ही, ट्रेनों और स्टेशनों पर भीख मांगने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, और पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति को तुरंत परिसर से हटाया जाएगा।
​अशिष्ट व्यवहार और नशा: ट्रेन या स्टेशन पर नशा करके उपद्रव करने, अश्लीलता फैलाने या गंदगी करने पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उपद्रव जारी रहने पर यह जुर्माना 5000 रुपये या 6 महीने की जेल में बदल सकता है।
​महिला सुरक्षा: महिलाओं के लिए आरक्षित बोगी या सीट पर अनधिकृत रूप से बैठने वाले पुरुष यात्रियों को तुरंत बाहर किया जाएगा। साथ ही, उनकी टिकट जब्त कर उन्हें 2500 रुपये का जुर्माना भरना होगा। (यह नियम ट्रांसजेंडर व्यक्तियों पर लागू नहीं है)।
​धूम्रपान और प्रदर्शन: रेलवे परिसर में धूम्रपान करने पर 2000 रुपये का जुर्माना लगेगा। इसके अलावा, स्टेशन या पटरियों पर किसी भी प्रकार की रैली, प्रदर्शन या जुलूस निकालने पर 10,000 रुपये तक का भारी जुर्माना देना होगा।
​अनधिकृत प्रवेश: बिना वैध टिकट या प्राधिकार के प्लेटफॉर्म या यात्री क्षेत्र में प्रवेश करने और मना करने के बावजूद न हटने पर 500 रुपये का प्रशासनिक शुल्क लिया जाएगा।
रेलवे का यह कदम यात्रा के अनुभव को सुखद और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि यात्री निर्धारित समय पर जुर्माना नहीं भरते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जेल का प्रावधान पहले की तरह ही बना रहेगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

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