छात्रा की मौत के मामले में CBSE की सख्त कार्रवाई, जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द

नई दिल्ली/जयपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने जयपुर स्थित नीरजा मोदी स्कूल की संबद्धता (एफिलिएशन) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। यह कार्रवाई छात्र सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन के चलते की गई है। बोर्ड का यह फैसला उस दुखद घटना के बाद आया है, जिसमें स्कूल की चौथी कक्षा में पढ़ने वाली 9 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर स्कूल भवन की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
सीबीएसई अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि स्कूल प्रबंधन ने छात्र सुरक्षा से जुड़े अनिवार्य नियमों का खुला उल्लंघन किया। बोर्ड ने इसे “सबसे कठोर दंड” की श्रेणी में आने वाला मामला बताया है और कहा है कि ऐसे असुरक्षित वातावरण में छात्रों को पढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
यह घटना 1 नवंबर को हुई थी, जब चौथी मंजिल से कूदने के बाद छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीएसई ने एक जांच समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट में स्कूल प्रबंधन की कई गंभीर चूक सामने आई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा लंबे समय से बुलिंग का शिकार थी और उसके माता-पिता ने जुलाई 2024 में ही इस संबंध में शिक्षकों को शिकायत दी थी। इसके बावजूद स्कूल प्रशासन ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। जांच में यह भी सामने आया कि घटना से ठीक पहले के 45 मिनटों के भीतर छात्रा ने पांच बार अपनी क्लास टीचर से मदद मांगी, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया।
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि स्कूल की काउंसलिंग व्यवस्था और शिकायत निवारण तंत्र पूरी तरह विफल रहा। इस लापरवाही ने सीधे तौर पर छात्रा की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “स्कूल द्वारा की गई लापरवाही और नियमों का उल्लंघन अस्वीकार्य है। किसी भी शैक्षणिक संस्थान से यह अपेक्षा की जाती है कि वह छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराए। इस मामले में हुई चूक सीधे तौर पर छात्र सुरक्षा से जुड़ी है।”
बोर्ड के आदेश के मुताबिक, नीरजा मोदी स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्तर तक की संबद्धता समाप्त कर दी गई है। हालांकि, कक्षा 10 और 12 के छात्रों को सत्र 2025-26 में उसी स्कूल से परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। वहीं, कक्षा 9 और 11 के छात्रों को सत्र 2026-27 से नजदीकी सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा।
इसके अलावा, स्कूल को नए दाखिले लेने या निचली कक्षाओं के छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट करने की अनुमति नहीं होगी। सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूल एक शैक्षणिक सत्र के बाद, यानी 2027-28 से, सभी सुरक्षा मानकों और बाल संरक्षण नियमों का पूर्ण पालन करने की स्थिति में माध्यमिक स्तर की मान्यता के लिए आवेदन कर सकता है। वरिष्ठ माध्यमिक स्तर की मान्यता कम से कम दो शैक्षणिक वर्षों के बाद ही दी जा सकेगी।




