छत्तीसगढ़ का 1.72 लाख करोड़ का ‘संकल्प बजट’ प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम : अनुज शर्मा

रायपुर, 24 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया। यह उनका लगातार तीसरा बजट है, जिसमें अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, औद्योगिक विकास और सुदूर अंचलों के विकास को प्राथमिकता दी गई है। इस बजट को लेकर विधायक अनुज शर्मा ने इसे “संकल्प बजट” बताते हुए कहा कि यह प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने का रोडमैप है।
बजट में मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन और मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन जैसे पांच प्रमुख मिशनों पर विशेष फोकस किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी स्थापित करने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। रायपुर में होम्योपैथी कॉलेज, कांकेर, कोरबा और महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज तथा बिलासपुर में राज्य कैंसर संस्थान स्थापित करने की भी घोषणा की गई है। कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना हेतु 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
खेल और युवा विकास के लिए बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के आयोजन हेतु 5-5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत रानी दुर्गावती योजना शुरू की गई है, जिसके तहत बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने पर 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। महतारी वंदन योजना के निरंतर संचालन के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आंगनबाड़ी के 500 नए भवनों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपये और संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
बस्तर और सरगुजा के समग्र विकास के लिए बस्तर टूरिज्म पॉलिसी हेतु 10 करोड़ रुपये और मैनपाट के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बस्तर नेट परियोजना के लिए 5 करोड़ रुपये और सुदूर क्षेत्रों में बस संचालन के लिए 10 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा बस्तर और सरगुजा में राइस मिल, पोल्ट्री फार्म और वनोपज प्रसंस्करण केंद्रों की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं तथा बस्तर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण की राशि बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये कर दी गई है।
स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में मितानिन कल्याण योजना के तहत 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए 25 करोड़ रुपये से इंटीग्रेटेड लैब स्थापित की जाएगी। इंद्रावती नदी पर 68 किलोमीटर लंबी नहर निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे सिंचाई और कृषि को लाभ मिलेगा।
विधायक अनुज शर्मा ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश के हर नागरिक के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि बजट में आधुनिक तकनीक, युवाओं के कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और प्रदेश में खुशहाली तथा समृद्धि का नया दौर शुरू करेगा।




