घर के बंटवारे के विवाद में बड़े भाई पर टांगा से हमला, दो महीने से फरार आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 05 सितम्बर (वेदांत समाचार)। जिले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत घरघोड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में करीब दो महीने से फरार चल रहे आरोपी रूपधर राठिया (47), निवासी ग्राम चिमटापानी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया लोहे का टांगा भी बरामद किया गया है।
मामला घर के बंटवारे और मकान को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, ग्राम चिमटापानी निवासी महेत राम राठिया (50) तीन भाइयों में सबसे बड़ा है। उसका छोटे भाई रूपधर राठिया और मंझले भाई पुनीराम राठिया के साथ घर को लेकर विवाद चल रहा था। रूपधर कथित तौर पर मकान को अपना बताते हुए परिवार के सदस्यों को घर से बाहर निकलने की धमकी देता था।
22 जून 2026 की शाम महेत राम अपने पिता गाडाराय राठिया और छोटे भाई रूपधर के साथ घर की परछी में बातचीत कर रहा था। इसी दौरान घर से निकलने की बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर रूपधर ने गाली-गलौज करते हुए हाथ में रखे लोहे के टांगा से अपने बड़े भाई महेत राम पर हमला कर दिया।
हमले में महेत राम के सिर, सिर के पीछे और बायीं आंख के पास गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया। डायल-112 की मदद से घायल को घरघोड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रायगढ़ रेफर किया गया, जहां उसका उपचार कराया गया।
घटना के संबंध में महेत राम ने 4 जुलाई 2026 को थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 216/2026 के तहत धारा 296, 351(3) और 115(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पीड़ित और गवाहों के बयान तथा मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में हत्या के प्रयास से संबंधित धारा 109(2) बीएनएस भी जोड़ी गई।
घटना के बाद आरोपी रूपधर राठिया लगातार फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के निर्देश पर TI घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके गांव में मुखबिर सक्रिय किए थे।
4 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी रूपधर राठिया अपने गांव चिमटापानी पहुंचा है। सूचना मिलते ही घरघोड़ा पुलिस टीम ने तत्काल गांव में घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि घटना के बाद वह कमाने-खाने के लिए बाहर चला गया था। आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लोहे का टांगा बरामद कर जब्त कर लिया। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के सतत सुपरविजन में कार्रवाई की गई। फरार आरोपी की पतासाजी और गिरफ्तारी में घरघोड़ा TI निरीक्षक कुमार गौरव साहू, एएसआई डेविड टोप्पो और आरक्षक प्रदीप तिग्गा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




