Chhattisgarh

कोरबा में बनेगा छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा साइंस सेंटर, 25 करोड़ रुपये होंगे खर्च

मंत्री लखन लाल देवांगन ने पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर साइंस एवं कन्वेंशन सेंटर का किया भूमिपूजन, विद्यार्थियों को मिलेंगी रोबोटिक्स, स्पेस और प्लेनेटोरियम जैसी आधुनिक सुविधाएं

कोरबा, 15 अक्टूबर 2026। औद्योगिक नगरी कोरबा में विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। शहर के रिस्दी रोड पर 25 करोड़ रुपये की लागत से छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा साइंस सेंटर बनाया जाएगा। गुरुवार को प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर साइंस एवं कन्वेंशन सेंटर का विधि-विधान से भूमिपूजन किया। अडानी फाउंडेशन के सहयोग से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) मद के अंतर्गत विकसित होने वाला यह केंद्र विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान, तकनीक और वैज्ञानिक प्रयोगों से रूबरू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि साइंस सेंटर का निर्माण कोरबा के इतिहास में एक नया वैज्ञानिक अध्याय जोड़ेगा। इस केंद्र के माध्यम से जिले सहित पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सीखने के बेहतर अवसर मिलेंगे। विद्यार्थी यहां वैज्ञानिक प्रयोगों के जरिए विभिन्न सिद्धांतों को समझ सकेंगे और चंद्रयान एवं मंगलयान जैसे अंतरिक्ष अभियानों में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह केंद्र बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में सहायक होगा।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और तकनीक के क्षेत्र में निरंतर प्रगति जरूरी है। साइंस सेंटर जैसी परियोजनाएं विद्यार्थियों को ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नई उद्योग नीति से औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिल रहा है। डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर पार्क और टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

महापौर संजूदेवी राजपूत ने कहा कि साइंस सेंटर से कोरबा के विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों और आधुनिक तकनीकों को समझने का अवसर मिलेगा। यह केंद्र बच्चों की जिज्ञासा बढ़ाने, प्रतिभा निखारने और उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि लगभग 1.30 लाख वर्गफीट क्षेत्र में विकसित होने वाले इस साइंस सेंटर में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां रोबोटिक्स जोन, स्पेस जोन, प्लेनेटोरियम, माइनिंग एक्सपीरियंस जोन, कल्चरल सेंटर तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियलिटी आधारित सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन सुविधाओं से विद्यार्थी पुस्तकीय ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से विज्ञान को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष जिले के पीएम विद्यालयों के विद्यार्थियों के अहमदाबाद स्थित साइंस सेंटर भ्रमण के दौरान वहां उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया गया था। कोरबा में भी इस स्तर की सुविधाएं विकसित होने से विद्यार्थियों को अपने जिले में ही विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जुड़ने के अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि उद्योगों की सहभागिता से जिले में विकास कार्यों को गति मिल रही है। बालको द्वारा शहर के भीतर फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि एसईसीएल ने सीतामढ़ी-उरगा सड़क निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। स्वामी विवेकानंद शैक्षणिक परिसर में लाइब्रेरी का निर्माण भी सीएसआर मद से किया जाएगा।

इस अवसर पर नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, डॉ. राजीव सिंह, नरेंद्र देवांगन, अडानी फाउंडेशन के सीईओ वैभव टंडन सहित नगर निगम के एमआईसी सदस्य, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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