कोरबा में फ्लाई ऐश के अवैध डम्पिंग पर कलेक्टर सख्त, नियमों के उल्लंघन पर होगी पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की कार्रवाई

कोरबा, 18 सितंबर 2026। जिले में फ्लाई ऐश के नियमानुसार उपयोग, परिवहन और निपटान को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की 31 दिसंबर 2021 की फ्लाई ऐश अधिसूचना के प्रावधानों के तहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित ताप विद्युत संयंत्रों के अधिकारियों, पर्यावरण विभाग, परिवहन विभाग और फ्लाई ऐश परिवहन से जुड़े प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी ताप विद्युत संयंत्रों के प्रबंधन को निर्देशित किया कि संयंत्रों से निकलने वाली फ्लाई ऐश का उपयोग, परिवहन और निपटान निर्धारित नियमों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने कहा कि फ्लाई ऐश का परिवहन केवल आईडब्ल्यूएमएमएस पोर्टल में पंजीकृत वाहनों के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही संयंत्र प्रबंधन को पूरी प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर ने फ्लाई ऐश परिवहन के दौरान लापरवाही को लेकर भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि फ्लाई ऐश को जिले में यत्र-तत्र या अनुपयुक्त स्थानों पर अवैध रूप से डम्प नहीं किया जाना चाहिए। अवैध डम्पिंग पाए जाने पर संबंधित ताप विद्युत संयंत्र के प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाएगी और नियमानुसार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित करने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा अवैध डम्पिंग में इस्तेमाल किए गए वाहनों तथा इस कार्य में शामिल फर्म या एजेंसी के खिलाफ भी नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने और परिवहन एवं निपटान की पूरी व्यवस्था की कड़ाई से निगरानी करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी प्रसन्ना सोनकर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अतुल असैया सहित जिले में संचालित विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि तथा फ्लाई ऐश परिवहनकर्ता उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि फ्लाई ऐश का सुरक्षित और नियमों के अनुरूप प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी ताप विद्युत संयंत्रों को पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और अवैध डम्पिंग की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए।




