कोरबा SP कार्यालय में पदस्थ आरक्षक की पत्थलगांव में पेड़ पर लटकी मिली लाश, पुलिस महकमे में शोक की लहर, मौत की वजह रहस्यमयी

कोरबा/जशपुर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। SP कार्यालय की स्टेनो शाखा में पदस्थ आरक्षक नरहरि पटेल (38 वर्ष) का शव जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र में एक पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला है। इस घटना की जानकारी मिलते ही कोरबा पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। आरक्षक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। पत्थलगांव पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, पत्थलगांव क्षेत्र में ग्रामीणों ने एक पेड़ पर सफेद रंग की चुन्नी के सहारे एक व्यक्ति का शव लटका देखा। इसकी सूचना तत्काल पत्थलगांव थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए मृतक की पहचान की कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान मृतक की पहचान कोरबा पुलिस विभाग में पदस्थ आरक्षक नरहरि पटेल के रूप में हुई।
मृतक की पहचान होने के बाद पत्थलगांव पुलिस ने फोन के माध्यम से कोरबा पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद आरक्षक के परिजनों को सूचित किया गया। घटना की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। परिजन कोरबा से पत्थलगांव के लिए रवाना हो गए।
बताया जा रहा है कि मृतक आरक्षक नरहरि पटेल, पिता गोवर्धन प्रसाद पटेल, वर्ष 2013 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। उसकी वर्तमान पदस्थापना सिविल लाइन रामपुर में थी, जहां वह 27 सितंबर 2023 से पदस्थ था। वर्तमान में वह कोरबा SP कार्यालय की स्टेनो शाखा में अपनी सेवाएं दे रहा था। नरहरि पटेल कोरबा के मानिकपुर स्थित दादर बस्ती में परिवार के साथ रहता था। उसके परिवार में पत्नी और एक छोटी बेटी है।
इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। आरक्षक नरहरि पटेल कोरबा से जशपुर जिले के पत्थलगांव कब और किस उद्देश्य से पहुंचा था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसके अलावा उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह भी जांच का विषय बना हुआ है। पुलिस आरक्षक के पत्थलगांव पहुंचने और घटना से पहले की गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
फिलहाल पत्थलगांव थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों के पहुंचने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
कोरबा पुलिस विभाग में कार्यरत आरक्षक की इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर से पुलिसकर्मियों और परिचितों में शोक का माहौल है।




