Chhattisgarh

कुसमुंडा में तेज रफ्तार बोलेरो ने मंदिर की दीवार तोड़ी, नाबालिग चालक का आरोप, बाल-बाल बचे राहगीर

कोरबा,12 सितम्बर 2026। जिले के कुसमुंडा क्षेत्र के विकास नगर में शुक्रवार दोपहर तेज रफ्तार बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित श्री श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर की बाउंड्रीवाल से जा टकराया। हादसे में मंदिर की दीवार का बड़ा हिस्सा टूट गया। घटना के दौरान आसपास से गुजर रहे कई राहगीर बाल-बाल बच गए। गनीमत रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

मिली जानकारी के अनुसार, SECL कुसमुंडा क्षेत्र में ठेका कार्य में लगी बोलेरो वाहन क्रमांक CG 12 BB 4100 शुक्रवार दोपहर विकास नगर के कॉलोनी मार्ग से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि वाहन की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे बनी नाली को पार करते हुए श्री श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर की बाउंड्रीवाल से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की दीवार का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोलेरो की रफ्तार काफी अधिक थी और वाहन अनियंत्रित होने के बाद सीधे मंदिर परिसर की दीवार से जा टकराया। जिस समय हादसा हुआ, उस दौरान मार्ग से राहगीरों और स्थानीय लोगों का आवागमन हो रहा था। अचानक हुए हादसे से आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वाहन के दीवार से टकराने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए।

स्थानीय लोगों ने वाहन चालक पर लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने का आरोप लगाया है। लोगों के अनुसार, चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था और कॉलोनी मार्ग में किसी अन्य चार पहिया वाहन के साथ रेस लगाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि वाहन चालक नाबालिग था। इस संबंध में भी संबंधित विभाग या पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि यदि वाहन चालक नाबालिग था तो उसे वाहन चलाने की अनुमति कैसे मिली, इसकी जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही वाहन मालिक की भूमिका की भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। लोगों का कहना है कि कॉलोनी क्षेत्र में बड़ी संख्या में कर्मचारी, उनके परिवार और राहगीर आवागमन करते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने SECL के संबंधित वाहन विभाग से भी मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ठेका कार्य में लगे वाहनों के चालकों और वाहन मालिकों की नियमित जांच होनी चाहिए तथा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि निर्धारित नियमों का पालन हो। साथ ही नशे की हालत में वाहन चलाने और नाबालिग से वाहन चलवाने जैसे आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

हादसे में किसी की जान नहीं जाने से लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन मंदिर की बाउंड्रीवाल के क्षतिग्रस्त होने और राहगीरों के बाल-बाल बचने की घटना ने कॉलोनी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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