Chhattisgarh

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने ओमप्रकाश बंजारे को किया जिला बदर

सक्ती 09 अप्रैल 2026// जिले में शांति व्यवस्था बनाये रखने एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर जिला सक्ती के प्रतिवेदन, प्रस्तुत दस्तावेजों, अनावेदक के जवाब तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पत्रों के अवलोकन के बाद ओमप्रकाश बंजारे पिता विक्रम बंजारे साकिन सेन्दरी थाना जैजैपुर जिला सक्ती को जिला बदर किया है।

 प्रकरण में अनावेदक ओमप्रकाश बंजारे द्वारा यह स्वीकार किया गया कि उसके विरुद्ध विभिन्न न्यायालयों में प्रतिबंधात्मक प्रकरण लंबित हैं और वह अभी तक दोषमुक्त नहीं हुआ है। साथ ही, उसने प्रदेशभर में सामाजिक गतिविधियों के नाम पर धरना-प्रदर्शनों में भाग लेने की बात भी स्वीकार की, लेकिन अपने पक्ष में किसी भी प्रकरण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। प्रशासन ने यह भी पाया कि पूर्व में की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों के बावजूद अनावेदक के आचरण में कोई सुधार नहीं आया है।

लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जिला दण्डाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3 एवं 5 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए।

ओमप्रकाश बंजारे को एक वर्ष की अवधि के लिए जिला सक्ती सहित समीपवर्ती जिलों जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ की सीमाओं से निष्कासित (जिला बदर) करने का आदेश जारी किया है। अनावेदक को 24 घंटे के भीतर इन जिलों की सीमाओं से बाहर चले जाने तथा 01 वर्ष की कालावधि तक प्रवेश नहीं करने के लिए आदेशित किया गया है।

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