Chhattisgarh

कच्चे घर से पक्के घर का सफर : प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से साकार हुआ रमेश कुमार खटकर का सपना

जांजगीर-चांपा 14 जनवरी 2026। जिले के जनपद पंचायत पामगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत मेंहदी निवासी रमेश कुमार खटकर एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। सीमित संसाधनों, अनिश्चित आय और रोज़मर्रा की आवश्यकताओं के बीच उनका जीवन लंबे समय तक संघर्षों से भरा रहा। कच्चा मकान होने के कारण बरसात में टपकती छत, गर्मी में झुलसता घर और सर्दी में ठिठुरता परिवार हर मौसम उनके लिए एक नई चुनौती बनकर आता था।

इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्री खटकर ने कभी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा बनाए रखा और निरंतर प्रयास करते रहे। इसी विश्वास और मेहनत का परिणाम यह हुआ कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 1,20,000 रुपये की राशि स्वीकृत हुई। यह सहायता केवल एक पक्का मकान नहीं थी, बल्कि वर्षों के कष्ट, असुरक्षा का समाधान था। साथ ही महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत 21,800 रूपए की मजदूरी से उन्हें रोजगार मिला, जिससे पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिला। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय निर्माण से परिवार को स्वच्छता के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन मिला। वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन मिलने से रसोईघर में धुएँ से भरी जिंदगी से मुक्ति मिली और स्वास्थ्य में भी सुधार आया।

आज रमेश कुमार खटकर का पक्का मकान केवल ईंट-पत्थर की संरचना नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और सुरक्षित भविष्य का प्रतीक है। उनकी कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि हौसला दृढ़ हो और शासन की योजनाओं का सही मार्गदर्शन मिले, तो संघर्ष भी सफलता की सीढ़ी बन सकता है।

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