एनटीपीसी कॉलोनी के सिल्वर जुबली पार्क स्थित 50 साल पुराने तालाब की सफाई पर सवाल, काम की रफ्तार से नाराज़ स्थानीय लोग

कोरबा। एनटीपीसी कॉलोनी के भीतर स्थित सिल्वर जुबली पार्क का करीब 50 वर्ष पुराना तालाब एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह तालाब कभी इलाके की पहचान हुआ करता था। पुराने समय में आसपास के लोग यहां स्नान करते थे और घरेलू उपयोग के लिए भी तालाब का पानी काम में लिया जाता था। बाद में जब एनटीपीसी प्रबंधन ने यहां सिल्वर जुबली पार्क का विकास किया, तब तालाब को पार्क परिसर के भीतर शामिल किया गया। उस दौर में तालाब में नौकायन की सुविधा भी शुरू की गई थी, जो पार्क का प्रमुख आकर्षण बनी रही।
समय के साथ रखरखाव की कमी और लगातार गंदगी जमा होने से तालाब की हालत बिगड़ती चली गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्तमान में तालाब का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा गंदगी और सिल्ट से भर चुका था। हालात को देखते हुए एनटीपीसी प्रबंधन ने तालाब की सफाई और गहरीकरण के लिए टेंडर जारी किया। सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार ने लगभग 60 प्रतिशत बिलों में टेंडर लिया है। हालांकि, जमीनी स्तर पर काम की रफ्तार को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि तालाब सफाई का कार्य पिछले 40 से 50 दिनों से चल रहा है, लेकिन इसकी गति बेहद धीमी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि काम “कछुए की चाल” से आगे बढ़ रहा है। उनका कहना है कि निर्धारित समय में काम पूरा होता नजर नहीं आ रहा, जिससे बरसात से पहले तालाब की सफाई और सौंदर्यीकरण का लक्ष्य अधर में लटकता दिख रहा है।
तालाब की सफाई के चलते सिल्वर जुबली पार्क को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इससे रोजाना टहलने, योग करने और बच्चों के साथ समय बिताने आने वाले लोग निराश होकर लौट रहे हैं। पार्क बंद रहने से कॉलोनीवासियों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रबंधन से मांग की है कि तालाब की सफाई और गहरीकरण के कार्य में तेजी लाई जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। लोगों का कहना है कि यह तालाब केवल पार्क का हिस्सा नहीं, बल्कि इलाके की विरासत है। यदि समय रहते काम पूरा कर लिया जाए तो बरसात के मौसम में तालाब फिर से अपने पुराने स्वरूप में लौट सकता है और पार्क की सुंदरता भी बढ़ेगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एनटीपीसी प्रबंधन अपने निर्देशों को जमीन पर कितनी गंभीरता से लागू करता है।




