आर्थिक परेशानी के कारण एक वर्ष से टल रहा था इलाज, बालको हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड से मिली निःशुल्क सर्जरी, अमीना बेगम को दर्द से राहत

कोरबा,20 सितम्बर 2026। आर्थिक तंगी के कारण करीब एक वर्ष से पेट के दर्द का इलाज नहीं करा पा रही बालको के इंद्रा मार्केट निवासी 52 वर्षीय अमीना बेगम के लिए बालको हॉस्पिटल, कोरबा उपचार और राहत का माध्यम बना। लंबे समय से पेट दर्द की समस्या से परेशान अमीना बेगम की तकलीफ पिछले तीन-चार महीनों में काफी बढ़ गई थी। दर्द इतना अधिक हो गया था कि उन्हें रोजमर्रा के घरेलू काम करने में भी परेशानी होने लगी थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उनका उपचार लगातार टलता जा रहा था।
अत्यधिक पेट दर्द होने पर परिजन उन्हें बालको हॉस्पिटल, कोरबा लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए आवश्यक जांच कराई। सोनोग्राफी में पित्त की थैली में पथरी होने की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने बीमारी की स्थिति को देखते हुए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कराने की सलाह दी। हालांकि, परिवार ने आर्थिक परेशानी के कारण ऑपरेशन का खर्च उठाने में असमर्थता जताई।
बालको हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने परिवार को आयुष्मान भारत योजना के तहत उपलब्ध निःशुल्क उपचार की सुविधा के बारे में जानकारी दी। योजना की जानकारी मिलने के बाद परिवार को बड़ी राहत मिली और अमीना बेगम के उपचार का रास्ता आसान हुआ। अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उपचार की प्रक्रिया पूरी की गई, जिससे परिवार को सर्जरी के खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ी।
अमीना बेगम को 7 सितंबर 2026 को बालको हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। चिकित्सकीय देखरेख में 9 सितंबर को उनकी पित्त की थैली में मौजूद पथरी का लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के माध्यम से सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के बाद अस्पताल की मेडिकल टीम ने उनकी स्थिति की निगरानी की और आवश्यक उपचार एवं देखभाल उपलब्ध कराई। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें 12 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
सफल उपचार के बाद अमीना बेगम अब स्वस्थ हैं और लंबे समय से परेशान कर रहे पेट के दर्द से उन्हें राहत मिली है। परिवार के लिए बालको हॉस्पिटल में समय पर जांच, चिकित्सकीय परामर्श और सर्जरी की सुविधा मिलना महत्वपूर्ण रहा। वहीं, आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से निःशुल्क उपचार मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को बड़ी राहत मिली।
अमीना बेगम के पति ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उनकी पत्नी का इलाज लंबे समय से नहीं हो पा रहा था। बालको हॉस्पिटल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने बीमारी की पहचान कर आवश्यक उपचार की सलाह दी और आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क इलाज की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना के कारण उनकी पत्नी की सर्जरी संभव हो सकी और परिवार पर इलाज का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।
उन्होंने बालको हॉस्पिटल के चिकित्सकों एवं मेडिकल टीम द्वारा किए गए उपचार और देखभाल के प्रति आभार जताया। साथ ही जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए गंभीर बीमारियों के उपचार में महत्वपूर्ण सहारा बन रही हैं।




