बैतूल में पर्याप्त खाद पहुंचा: तीन दिन में आई तीन रैक खाद, अगले हफ्ते आएगी नई रैक

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बैतूल26 मिनट पहले
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बैतूल जिले में मांग के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध हो रहा है। तीन दिन में खाद की तीन रैक आने से खाद की किल्लत दूर होगी। किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होगा। खाद आते ही सोसायटियों में भेजा रहा है, ताकि किसानों को तत्काल खाद मिल सके।
डीएमओ प्रदीप गिरेवाल ने बताया कि पिछले तीन दिन में खाद की तीन रैक बैतूल पहुंची है। जिसमें दो रैक डीएपी और एक रैक यूरिया की शामिल है। दो रैक में 6 हजार अधिक मीट्रिक टन से ज्यादा डीएपी और एक रैक में 3 हजार मीट्रिक टन यूरिया आया है। इस वर्ष 40 हजार मीट्रिक टन से अधिक यूरिया की डिमांड है। डिमांड के मुताबिक जिले को समय पर खाद उपलब्ध हो रहा है। अभी किसानों से रबी फसल की बोवनी प्रारंभ कर दी है। बोवनी प्रारंभ होते ही खाद की डिमांड भी बढ़ने लगी है।
डीएमओ का कहना है कि जिले में खाद की कोई किल्लत नहीं है। पर्याप्त मात्रा में खाद मौजूद है। अगले हफ्ते फिर एक यूरिया की रैक बैतूल पहुंचेगी। सोसायटियों को भी पर्याप्त मात्रा में खाद दिया है, गोडाउन में भी खाद मौजूद है। जिन सोसायटियों में उर्वरक की अधिक डिमांड है, उन्हें पहले उर्वरक उपलब्ध किया जा रहा है।
कुछ किसानों का यह भी आरोप है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं दे रहे, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि किसानों को खाद पर्याप्त मात्रा में दिया जा रहा है। अभी तक जिले को 17434 टन यूरिया उपलब्ध हो चुका है, जिसमें से 11350 मीट्रिक टन यूरिया वितरित कर दिया गया। इसी तरह डीएपी खाद 6906 मीट्रिक टन वितरित हुआ है।
रबी की बोवनी प्रारंभ, फिर बढ़ेगी डिमांड
जिले में सोयाबीन की कटाई के बाद किसानों ने रबी फसल के लिए खेत तैयार कर दिए। कुछ क्षेत्रों में किसानों ने रबी की बोवनी प्रारंभ कर दी है। बोवनी के पहले ही किसानों ने खाद, बीज का स्टॉक कर लिया था। बोवनी के बाद खाद की और डिमांड बढ़ने वाली है। जिन किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हुआ था। उन किसानों को खाद की और आवश्यकता होगी।
फसल अंकुरित होने के बाद फसल को खाद दिया जाएगा। ऐसे में खाद की मांग और बढ़ेगी। अधिकारियों का कहना है कि रबी फसल के रकबे के अनुसार खाद अभी पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। फसल अकुंरित होने के बाद किसान आवश्यकता अनुसार फसल को 2 से 3 बार खाद का छिड़काव करते है।
सहकारी समितियों प्रबंधकों का कहना है कि शासन की गाइड लाइन के अनुसार किसानों को एक एकड़ भूमि पर 5 खाद की बोरी उपलब्ध की जा रही है। जिन किसानों के पास में अधिक रकबा है, उन्हें अधिक खाद दिया जा रहा है।

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