Chhattisgarh

कोरबा बड़ी खबर: 5 लाख के कर्ज पर 6.88 लाख चुकाने के बाद भी 10 लाख और दो एकड़ जमीन की मांग, शिक्षक ने दर्ज कराई एफआईआर

कोरबा। उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम कोथारी निवासी एवं माध्यमिक शाला दादरकला में पदस्थ शिक्षक विजेंद्र कुमार पाटले की शिकायत पर पुलिस ने ग्राम कोथारी निवासी विष्णू प्रसाद लहरे के खिलाफ सूदखोरी, अवैध वसूली और धमकी देने के आरोप में अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 384 तथा छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण (साहूकारी) अधिनियम की धारा 3 एवं 4 के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार वर्ष 2022 में बहन की शादी के लिए आर्थिक आवश्यकता होने पर शिक्षक ने आरोपी से मदद मांगी थी। आरोप है कि आरोपी ने सहायता देने के बजाय 5 प्रतिशत मासिक ब्याज पर 5 लाख रुपये देने की शर्त रखी। इसके लिए उसने शिक्षक, उनकी मां और भाई के हस्ताक्षरयुक्त कोरे स्टाम्प, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक तथा छह हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक अपने पास सुरक्षा के नाम पर रख लिए।

एफआईआर के मुताबिक 24 जून 2022 को आरोपी ने 5 लाख रुपये शिक्षक के बैंक खाते में ट्रांसफर किए। इसके बाद शिक्षक ने लगातार चार माह तक हर महीने 25-25 हजार रुपये ब्याज के रूप में भुगतान किया। एक माह किस्त में देरी होने पर आरोपी ने कथित रूप से खेत बेचने अथवा दो एकड़ जमीन अपने नाम कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।

शिकायतकर्ता ने बताया कि 30 जनवरी 2023 को 44 हजार रुपये बैंक के माध्यम से तथा खेत बिकने के बाद 30 जुलाई 2024 को एक लाख रुपये नकद और 8 अगस्त 2024 को गवाहों की मौजूदगी में 4 लाख 44 हजार रुपये नकद दिए। इस प्रकार मूलधन और ब्याज सहित कुल 6 लाख 88 हजार रुपये का भुगतान करने के बावजूद आरोपी ने अतिरिक्त 10 लाख रुपये अथवा दो एकड़ जमीन अपने नाम कराने की मांग जारी रखी।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने सुरक्षा के तौर पर रखे गए हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक का दुरुपयोग करते हुए उसमें 4 लाख रुपये की राशि भरकर बैंक में प्रस्तुत कर दिया। साथ ही शेष ब्लैंक चेक और अन्य दस्तावेजों के आधार पर झूठे मामलों में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी भी दी।

लगातार प्रताड़ना से परेशान शिक्षक ने उरगा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

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