बंद उद्योगों को सपोर्ट करने वाली नीति नहीं: मंडीदीप में डेढ़ दशक में बंद हुए 200 उद्योग,15 हजार लोगों का रोजगार छिना

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भोपाल35 मिनट पहलेलेखक: मनीष व्यास
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वर्ष 2021-22 में 85 हजार करोड़ का उत्पादन करने वाले औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप में पिछले डेढ दशक में 200 उद्योग बंद हो गए। भास्कर ने औद्योगिक क्षेत्रों की पड़ताल की तो चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई। दरअसल, मंडीदीप प्रदेश में पीथमपुर के बाद दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। यहां कुल 1105 हेक्टेयर एरिया है और इस पर 650 इकाइयां थीं। लेकिन धीरे-धीरे यहां उद्योग बंद होने लगे और पिछले डेढ़ दशक में मोटे तौर पर उद्योग बंद हुए। ऐसे में इनकी संख्या घटकर 445 ही रह गई।
कारोबार की बात करें तो वर्ष 2021-22 में 85 हजार करोड़ का टर्न ओवर था। इसमें 26 हजार करोड़ का एक्सपोर्ट हुआ था। इस औद्योगिक क्षेत्र से 60 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है जबकि 90 हजार को अप्रत्यक्ष रूप से। उद्योग बंद होने से यहां पर सीधे तौर पर 6 हजार व 12 हजार अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों की रोजी–रोटी छिन गई। हैरानी की बात ये है कि डेढ़ लाख लोगों को रोजगार देने वाले इस क्षेत्र में कंटेनर भी आसानी से आ-जा नहीं पा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यहां पर लंबे समय से मेंटेनेंस की जरूरत है।
1. मानसून में पानी का भराव, हर साल 100 करोड़ रु. का नुकसान
इस औद्योगिक क्षेत्र की विकराल समस्या है पानी का भराव। मानसून के 4 महीने बारिश के पानी के भराव से हर साल 100 करोड़ का नुकसान डेढ़ सौ उद्यमी झेलते हैं। पानी फैक्ट्री तक आ जाता है और कई दिनों तक काम ठप रहता है। कारण, यहां पानी की निकासी का इंतजाम नहीं और जल भराव क्षेत्र होने से पानी जमा होता है।
2. एक हजार पोल की जरूरत है एरिया को अंधेरे से बचाने के लिए
क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों के नहीं होने से चोरियां भी होती है। व्यापारियों के मुताबिक क्षेत्र अंधेरे में रहने से चोरियां व मारपीट भी होती है। यहां एक हजार पोल चाहिए। इन पर स्ट्रीट लाइट लगने से अंधेरे से मुक्ति मिलेगी।
मिस मैनेजमेंट सबसे बड़ा कारण
^डेढ़ दशक में 200 यूनिट बंद हो गए। इसका एक नहीं,कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है मिस मैनेजमेंट। सरकार व उद्योग विभाग को भी सहयोग करना होता है। एक उद्योग बंद होने पर मालिक व उसकी टीम ही नहीं सरकार व अधिकारियों का भी फेल्योर होता है। हमारे यहां उद्योग बंद होने पर सपोर्ट करने वाली नीति चाहिए। ताकि उसकी जगह नया खुल सके। सरकार ने एक पॉलिसी बनाई है लेकिन वो हाल ही बनी है। इस पर काम करना होगा।’ -डॉ. राजीव अग्रवाल, अध्यक्ष, मंडीदीप एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज
“इंडस्ट्रियल एरिया में 62 करोड़ से विकास कार्य होंगे। पानी के भराव वाली जगहों पर पुलिया बनवाएंगे।” -राजीव शर्मा,एक्जी. इंजीनियर,एमपीआईडीसी
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