कोरबा की ईशानी कौर को केंद्र सरकार से 20 साल का पेटेंट, नवाचार में रचा इतिहास

कोरबा। जिले की प्रतिभाशाली छात्रा ईशानी कौर ने तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए कोरबा का मान बढ़ाया है। ईशानी कौर सहित चार छात्राओं द्वारा विकसित इंफ्रारेड लेजर आधारित फेशियल रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से 20 वर्षों के लिए पेटेंट स्वीकृत हुआ है।

शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, रायपुर में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के तीसरे सेमेस्टर में अध्ययनरत ईशानी कौर ने अपनी सहपाठी एलिन मसीह, लता टेकाम एवं अंशिका कुमारी के साथ मिलकर यह नवाचार विकसित किया। इस तकनीक के लिए 17 जून 2025 को आवेदन किया गया था, जिसे 5 जनवरी 2026 को स्वीकृति मिली।
यह प्रणाली इंफ्रारेड लेजर डॉट प्रोजेक्शन, इंफ्रारेड कैमरा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फेस रिकग्निशन तकनीक पर कार्य करती है, जिससे बिना स्पर्श के और कम रोशनी में भी सटीक उपस्थिति दर्ज की जा सकती है। इससे शैक्षणिक संस्थानों में उपस्थिति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समय बचाने वाली होगी।
ईशानी कौर शहीद भगत सिंह कॉलोनी, एसईसीएल कोरबा की निवासी हैं और कोरबा प्रेस क्लब के सदस्य वरिष्ठ पत्रकार डॉली सिंह की पुत्री हैं। उनकी माता पिंकी कौर हैं। इस उपलब्धि से परिवार और प्रेस जगत में हर्ष व्याप्त है।
छात्राओं ने बताया कि इस नवाचार का विचार उन्हें भौतिकी कक्षा में लेजर और फाइबर ऑप्टिक्स के अध्ययन के दौरान आया। यह शोध कार्य संस्थान के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. डी.एस. क्षत्री के मार्गदर्शन में पूर्ण हुआ। संस्थान प्रबंधन ने इसे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए भविष्य में ऐसे नवाचारों को निरंतर प्रोत्साहित करने की बात कही।अगर आप चाहें तो मैं इसे










