SECL मुख्यालय में विभागीय अनुशासन और सतर्कता पर संवादात्मक सत्र, आरोप पत्र से लेकर विभागीय जांच की प्रक्रिया पर मिला प्रशिक्षण

बिलासपुर। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय, बिलासपुर में मंगलवार 7 जुलाई 2026 को विभागीय अनुशासन और सतर्कता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय “Framing of Charge Sheets, Penalty Orders & the Role of IO/PO in Departmental Inquiries” रहा। इस सत्र का उद्देश्य विभागीय जांच की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नियमसम्मत बनाना था।

कार्यक्रम में केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के परामर्शदाता राजीव वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) हिमांशु जैन की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर मानव संसाधन विभाग एवं सतर्कता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। साथ ही एसईसीएल के विभिन्न संचालन क्षेत्रों से एचआर स्टाफ ऑफिसर और मानव संसाधन विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्य अतिथि राजीव वर्मा ने अपने संबोधन में विभागीय जांच के दौरान आरोप पत्र (चार्जशीट) तैयार करने, दंडादेश (Penalty Orders) जारी करने तथा इन्क्वायरी ऑफिसर (IO) और प्रेजेंटिंग ऑफिसर (PO) की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी विभागीय जांच की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध होना अत्यंत आवश्यक है। यदि जांच निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप की जाए तो संगठन में अनुशासन, जवाबदेही और कर्मचारियों का विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान कई व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण और संवादात्मक कार्यक्रम अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय नियमों और प्रक्रियाओं की सही जानकारी होने से निर्णय अधिक प्रभावी होते हैं तथा संगठन में पारदर्शिता और अनुशासन को मजबूती मिलती है। उन्होंने सभी अधिकारियों से सीख को अपने दैनिक कार्यों में लागू करने का भी आह्वान किया।
मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने अपने संबोधन में कहा कि मानव संसाधन विभाग किसी भी संगठन की आधारशिला होता है। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन संवेदनशीलता, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हों, यह सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है। सतर्कता केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संगठन में स्वस्थ और सकारात्मक कार्य संस्कृति विकसित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विभागीय जांच, आरोप पत्र, दंडादेश, इन्क्वायरी ऑफिसर (IO) और प्रेजेंटिंग ऑफिसर (PO) की भूमिका से जुड़े कई व्यावहारिक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने सभी प्रश्नों के विस्तृत और सरल उत्तर देकर प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया।
एसईसीएल प्रबंधन का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के साथ-साथ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इससे संगठन में अनुशासन, सुशासन और सतर्कता की संस्कृति को और अधिक मजबूती मिलेगी।




