Chhattisgarh

SECL सुरक्षा प्रहरी के प्रथम बैच का प्रशिक्षण पूरा, 33 प्रशिक्षु हुए प्रशिक्षित

बिलासपुर, 15 अक्टूबर 2026। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में संचालित ‘एसईसीएल सुरक्षा प्रहरी’ बुनियादी प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम बैच का प्रशिक्षण गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मानव संसाधन संस्थान, इंदिरा विहार, बिलासपुर में आयोजित समापन समारोह में एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रथम बैच के कुल 33 प्रशिक्षुओं ने लगभग एक माह का प्रशिक्षण पूरा किया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 सितंबर से 15 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया गया। इस दौरान प्रशिक्षुओं को कंपनी की नीतियों एवं नियमों, सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं, हथियार संचालन तथा शारीरिक और मानसिक दक्षता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षा प्रहरियों को आवश्यक कौशल, अनुशासन, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा से सुसज्जित करना है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन प्रभावी ढंग से कर सकें।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी प्रशिक्षुओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल एक सामान्य वस्त्र नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की पहचान, चरित्र, अनुशासन और उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को अपने आचरण में संयम, व्यवहार में शालीनता और निर्णय लेने में विवेक बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने सुरक्षा संबंधी दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी, सतर्कता और अनुशासन के साथ करने पर भी जोर दिया।

प्रशिक्षण अवधि के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को मुख्य अतिथि बिरंची दास ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं के प्रदर्शन की सराहना की गई और सुरक्षा संबंधी कार्यों में प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित किया गया।

समारोह में महाप्रबंधक (मानव संसाधन/सुरक्षा) सुवंकर परिड़ा, महाप्रबंधक (एचआरडी) बी.सी. सेठी, सुरक्षा प्रमुख लेफ्टिनेंट कमांडर बी. दक्षिणामूर्ति, अन्य अधिकारी, प्रशिक्षक तथा सहयोगी उपस्थित रहे।

एसईसीएल सुरक्षा प्रहरी कार्यक्रम को कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सतर्क और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से सुरक्षा प्रहरियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, जिम्मेदारी और पेशेवर दक्षता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

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