Chhattisgarh

विद्युत कंपनी की निविदा प्रक्रिया पर ठेकेदारों ने उठाए सवाल, मनमानी के खिलाफ जताई नाराज़गी

0.बड़ी कंपनियों को लाभ पहुंचाने का आरोप, 5000 से अधिक स्थानीय श्रमिकों के रोजगार पर संकट

कोरबा, 11 अप्रैल 2026।
प्रदेश सहित देश के कई राज्यों को रोशन करने वाले कोरबा जिले में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी की नई कार्यप्रणाली पर अब सवाल उठने लगे हैं। ठेकेदारों की कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और अधिकारियों की मनमानी को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

एचटीपीपी, कोरबा पूर्व, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत संयंत्र (डीएसपीएम) और अटल बिहारी बाजपेई ताप विद्युत संयंत्र, मड़वा में कार्यरत ठेकेदारों के संगठित एसोसिएशन द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में एसोसिएशन के अध्यक्ष धनंजय सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि विद्युत कंपनी द्वारा हाल के दिनों में 5 से 10 करोड़ रुपये तक की बड़ी-बड़ी निविदाएं जारी की जा रही हैं, जिससे स्थानीय ठेकेदारों को प्रतिस्पर्धा में बाहर किया जा रहा है।

पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से बड़ी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जिसका सीधा असर स्थानीय ठेकेदारों और उनके अधीन कार्यरत लगभग 5000 ठेका श्रमिकों पर पड़ेगा। उनका कहना है कि यदि बाहरी कंपनियां कार्य लेंगी, तो वे अपने साथ बाहरी श्रमिक भी लाएंगी, जिससे स्थानीय श्रमिकों के रोजगार पर संकट गहरा सकता है।

एसोसिएशन ने आशंका जताई कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो कोरबा जैसे औद्योगिक जिले से बड़े पैमाने पर श्रमिकों का पलायन हो सकता है, जो भविष्य में एक गंभीर सामाजिक-आर्थिक समस्या बन सकता है।

हालांकि, उद्योग मंत्री द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए ठेकेदारों को आश्वासन दिया गया है, लेकिन विद्युत कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।

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