Chhattisgarh

PMEGP से फालगूनी डे ने बदली परिवार की आर्थिक तस्वीर, मैरिज हॉल डेकोरेशन व्यवसाय से बढ़ी आमदनी

कोरबा, 24 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत मिले बैंक ऋण और सब्सिडी का लाभ उठाकर कोरबा के राताखार निवासी फालगूनी डे ने मैरिज हॉल डेकोरेशन का व्यवसाय शुरू किया है। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने इस व्यवसाय को परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बना लिया है। सीमित आमदनी से परिवार का खर्च चलाने की चुनौती के बीच सरकारी योजना ने उन्हें स्वरोजगार शुरू करने का अवसर दिया।

फालगूनी डे के परिवार में आठ सदस्य हैं। व्यवसाय शुरू करने से पहले परिवार की आमदनी सीमित थी और दैनिक जरूरतों को पूरा करने के बाद भविष्य के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत करना मुश्किल था। फालगूनी अपना व्यवसाय शुरू करना चाहती थीं, लेकिन पर्याप्त पूंजी नहीं होने के कारण उनका सपना आगे नहीं बढ़ पा रहा था। इसी दौरान उन्हें जागरूकता शिविर के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी मिली।

योजना के तहत स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण और सब्सिडी की सुविधा मिलने की जानकारी के बाद फालगूनी ने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के माध्यम से मैरिज हॉल डेकोरेशन व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवेदन किया। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा से उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। योजना के तहत उन्हें 35 प्रतिशत यानी 3.50 लाख रुपये की सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। शेष ऋण राशि का भुगतान बैंक को निर्धारित किश्तों में किया जा रहा है।

ऋण की राशि मिलने के बाद फालगूनी ने मैरिज हॉल डेकोरेशन का काम शुरू किया। शुरुआत में विवाह समारोहों में सजावट का काम मिला, लेकिन धीरे-धीरे उनके काम का दायरा बढ़ता गया। अब उन्हें विवाह समारोहों के अलावा अन्य सामाजिक आयोजनों में भी डेकोरेशन के काम मिलने लगे हैं। ग्राहकों की संख्या बढ़ने से व्यवसाय में निरंतरता आई और आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

फालगूनी के अनुसार, शुरुआत में उनकी आय करीब 18 हजार रुपये प्रतिमाह थी, जो अब बढ़कर करीब 40 हजार रुपये प्रति कार्यक्रम तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आमदनी से परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में मजबूत हुई है। जरूरी घरेलू खर्चों को पूरा करने में आसानी होने के साथ भविष्य के लिए बेहतर योजना बनाने का भरोसा भी बढ़ा है।

फालगूनी डे ने बताया कि जागरूकता शिविर में योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का रास्ता मिला। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में आवेदन करने और बैंक से ऋण स्वीकृत होने के बाद वह मैरिज हॉल डेकोरेशन का काम शुरू कर सकीं। उनका कहना है कि आर्थिक सहायता ने व्यवसाय खड़ा करने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

उन्होंने बताया कि पहले सीमित आय के कारण परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए खर्च सोच-समझकर करना पड़ता था। अब व्यवसाय बढ़ने से आमदनी में वृद्धि हुई है और विवाह के साथ अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में भी काम मिल रहा है। इससे परिवार की जरूरतें पूरी करने में सुविधा हो रही है और व्यवसाय को आगे बढ़ाने का विश्वास भी बढ़ा है।

फालगूनी के लिए सरकारी योजना का लाभ केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे उन्हें स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में योगदान देने का अवसर मिला। ऋण और सब्सिडी से उन्हें व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक पूंजी मिली, वहीं अपनी मेहनत और निरंतर प्रयास से उन्होंने इसे आय के स्थायी साधन के रूप में विकसित किया।

फालगूनी डे ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मिले सहयोग के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति भी आभार जताया। उनका कहना है कि वह अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाकर आने वाले समय में बेहतर आमदनी हासिल करना चाहती हैं।

Related Articles

Back to top button