PM राहत योजना के क्रियान्वयन में बलौदाबाजार प्रदेश में अव्वल, सड़क हादसों के घायलों को मिल रहा त्वरित इलाज, 270 प्रकरणों पर हुई कार्रवाई

बलौदाबाजार। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर उपचार और आर्थिक राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान हासिल किया है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से जिले में योजना का बेहतर तरीके से संचालन किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक गौरव राय (IPS) के निर्देशन एवं सतत मॉनिटरिंग में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को योजना का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अस्पतालों से प्राप्त TMS रिक्वेस्ट पर संबंधित थानों के माध्यम से दुर्घटना की जानकारी का भौतिक एवं डिजिटल सत्यापन तेजी से किया जा रहा है, ताकि पात्र घायलों को बिना देरी उपचार की सुविधा मिल सके।
योजना के iRAD/e-DAR पोर्टल पर जिले में अब तक कुल 270 प्रकरणों की प्रविष्टि और सत्यापन की कार्रवाई की गई है। इनमें 219 प्रकरणों में घटना का सत्यापन सही पाए जाने पर अप्रूवल दिया गया, जबकि 25 प्रकरणों को नियमानुसार रिजेक्ट किया गया। वहीं, 26 प्रकरणों को ‘Discharged from Scheme’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। पोर्टल पर समयबद्ध डेटा प्रविष्टि, त्वरित सत्यापन और पारदर्शी कार्यप्रणाली के चलते जिले को प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है।
प्रशिक्षण और बेहतर समन्वय से मिली सफलता
इस उपलब्धि में जिला DRM मनोज मांडले की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके द्वारा थानों और अस्पतालों के कर्मचारियों के लिए लगातार प्रशिक्षण एवं कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इसमें पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने, प्रकरणों के सत्यापन और योजना की प्रक्रिया के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
गोल्डन आवर में मिलेगा 1.50 लाख तक का कैशलेस इलाज
योजना का प्रमुख उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे यानी ‘गोल्डन आवर’ में घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को शासकीय एवं निजी अस्पतालों में 1.50 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इससे आर्थिक परेशानी के कारण इलाज में होने वाली देरी को रोका जा सकता है। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना होने पर घायलों की मदद के लिए आगे आएं और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दें। समय पर की गई मदद किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।




