NTPC कोरबा में भव्य समारोह के साथ IRSM WR-II क्रिकेट टूर्नामेंट 2025–26 का शुभारंभ

कोरबा, 5 जनवरी 2026।
IRSM WR-II क्रिकेट टूर्नामेंट 2025–26 का शुभारंभ मानसरोवर स्टेडियम, एनटीपीसी कोरबा में अत्यंत उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया। 4 से 8 जनवरी 2026 तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में कोरबा, सीपत, लारा, गाडरवारा, खरगोन एवं रायपुर की टीमें भाग ले रही हैं।

उद्घाटन समारोह की अगुवाई बिभास घटक, बिजनेस यूनिट हेड, एनटीपीसी कोरबा ने की। इस अवसर पर सत्रुघ्न बेहरा, महाप्रबंधक (ओ एंड एम) की गरिमामयी उपस्थिति रही। श्रीमती सुभ्रा घटक, अध्यक्ष, मैत्री महिला समिति, विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
अतिथियों का स्वागत पारंपरिक करमा नृत्य एवं स्कूली बच्चों द्वारा किया गया। उन्हें पर्यावरण-अनुकूल पौधे, IRSM बैज एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जो एनटीपीसी की सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सभी प्रतिभागी टीमों को कोसा अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह का मुख्य आकर्षण टूर्नामेंट लोगो, शुभंकर “नंदी” एवं विजेता ट्रॉफी का अनावरण रहा, जिसे कार्यकारी निदेशक, कोरबा द्वारा किया गया। नंदी, छत्तीसगढ़ के राज्य पशु गौर (भारतीय बाइसन) से प्रेरित है, जो शक्ति, सहनशीलता और संरक्षण का प्रतीक है।
इस अवसर पर बिभास घटक ने कहा, “खेल अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता को विकसित करते हैं। इस टूर्नामेंट के माध्यम से हम फिटनेस, निष्पक्ष खेल और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देना चाहते हैं।”
समारोह में सभी टीमों द्वारा मार्च-पास्ट, टीम कप्तानों द्वारा मशाल प्रज्वलन, फेयर प्ले एवं फिटनेस शपथ, तथा गुब्बारे छोड़कर टूर्नामेंट का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
पहले मैच से पूर्व तीरंदाजी एवं कलारीपयट्टू की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा खिलाड़ियों में उत्साह और खेल भावना का संचार किया।
बीयूएच कोरबा एवं महाप्रबंधक (ओ एंड एम) द्वारा प्रतीकात्मक प्रथम किक-ऑफ किया गया। उद्घाटन मैच कोरबा एवं सीपत के बीच खेला गया, जिसमें कोरबा टीम ने विजय प्राप्त की।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी, मैत्री महिला समिति के सदस्य, खेल परिषद, यूनियन एवं एसोसिएशन प्रतिनिधि, कल्याणकारी संस्थाएं, विभागाध्यक्ष एवं एनटीपीसी कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
IRSM WR-II क्रिकेट टूर्नामेंट 2025–26 खेल, सौहार्द और प्रतिस्पर्धात्मक उत्कृष्टता का एक जीवंत उत्सव सिद्ध होगा।




