MP की यात्री ने बनाई भारत जोड़ो मोबाइल लाइब्रेरी: राहुल गांधी करेंगे उद्घाटन; गांधी, नेहरू के मिथकों पर मिलेगी सटीक नॉलेज

[ad_1]
भोपालएक घंटा पहले
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा करीब दो हजार किलोमीटर का सफर तय करके मप्र में प्रवेश कर चुकी है। बुरहानपुर से गुरुवार को राहुल की यात्रा खंडवा पहुंची। कन्याकुमारी से शुरू हुई इस यात्रा में मप्र के आठ युवा भारत यात्री के तौर पर कश्मीर तक पदयात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा में चल रहीं हरदा की रहने वाली सुप्रीम कोर्ट की वकील अवनि बंसल ने साथियों के साथ मोबाइल लाइब्रेरी (चलित पुस्तकालय) बनाई है। राहुल गांधी गुरुवार को इसका उद्घाटन करेंगे।
मोबाइल लाइब्रेरी की यात्रा
मकसद है कि जिस तरीके से बीजेपी व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के जरिए फेक जानकारी लोगों तक फैला कर भ्रमित कर रही है। ऐसे में जरूरत है कि हम लोग और देश के नौजवान सच्चाई और हकीकत को समझ सकें। किताबों को पढ़कर इतिहास की वास्तविकता को समझें। जब हम स्वामी विवेकानंद को पढ़ेंगे, तो जानेंगे कि जैसी उनकी विचारधारा थी कि वह कभी बीजेपी के साथ खड़े नहीं हो सकते थे। उसी प्रकार भगत सिंह और गांधी को लेकर अफवाह फैलाई जाती है कि गांधीजी भगत सिंह को मरवाना चाहते थे, जब लोग भगत सिंह की जेल डायरी पढ़ेंगे, तब जानेंगे कि उन्होंने पिताजी को लिखा था कि गांधी ही हमारे नेता हैं। वही हमें स्वतंत्रता की तरफ लेकर जाएंगे।

अवनि बंसल और उनकी टीम ने गांव में किताबें बांटीं।
कश्मीर तक 500 मोबाइल लाइब्रेरी का टारगेट
अवनि कहती हैं कि हमारा प्रयास है कि यह यात्रा जहां-जहां से गुजरेगी, वहां लोगों से निवेदन करेंगे कि आप किताब दान करें। हमने अभी लोगों द्वारा दान की गई किताबों को मिलाकर भारत जोड़ो यात्रा के कंटेनर में इन सभी किताबों की लाइब्रेरी तैयार की है। इसे भारत जोड़ो मोबाइल लाइब्रेरी का नाम दिया है। अब तक करीब 1000 किताबों के साथ इस लाइब्रेरी की शुरुआत की है। इनमें भारतीय दर्शन, राजनीति, धर्म, संस्कृति, भारत के विभिन्न समाजों, और संविधान में दी गई तमाम जानकारी की किताबें रखी गई हैं।
यात्रा के विराम के समय पढ़ सकते हैं किताबें
अवनि ने बताया कि जब यात्रा दिन में सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच विराम करती है, तब हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे इस मोबाइल लाइब्रेरी में आकर किताबें पढ़ें। जो भारत यात्री हैं, वह लाइब्रेरियन की भूमिका निभा रहे हैं। जो लोग यात्रा में लगातार साथ चल रहे हैं, वह लाइब्रेरी में बैठकर किताबें पढ़ सकते हैं। स्थानीय लोग भी लाइब्रेरी में आकर किताबें दान भी कर सकते हैं। यहां रखी किताबें पढ़ सकेंगे।

दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में स्थाई पुस्तकालय बनाने की कोशिश
अवनि कहती हैं कि यात्रा खत्म होने के बाद कोशिश है कि दिल्ली में AICC का जो नया ऑफिस है, वहां या दूसरी जगह यात्रा की स्थाई लाइब्रेरी बनाई जाए। जहां-जहां से यात्रा गुजर रही है, जो कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखते हैं। उनसे अनुरोध कर रहे हैं कि वह भारत जोड़ो लाइब्रेरी बनाएं। देशभर में करीब 500 से ज्यादा लाइब्रेरी बनाई जाएं।
एमपी-महाराष्ट्र बॉर्डर के आदिवासी बहुल गांव में किया प्रयोग
अवनि ने बताया कि हम मप्र और महाराष्ट्र के बॉर्डर के जिले बुलढाणा में थे। वहां महाराष्ट्र के एक बुजुर्ग हर्षवर्धन जी हमारे बीच आए, जब हमने उन्हें लाइब्रेरी के बारे में बताया। वह हमें लेकर मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र बॉर्डर पर 40 टापरी नाम के गांव में लेकर गए। आदिवासी समुदाय की बहुलता वाले गांव में पहली भारत जोड़ो लाइब्रेरी बनाई। इस लाइब्रेरी के उद्घाटन के साथ ही हमने मराठी में भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। गांव वालों को संविधान की शपथ दिलाई। संविधान की प्रति की 25 किताबें उस गांव लाइब्रेरी में रखी गई हैं। आदिवासी समुदाय के लोग इस लाइब्रेरी का संचालन करेंगे।
Source link




