LPG Rules Change: 1 नवंबर से बदल रहे हैं गैस सिलेंडर के 3 नियम, आज ही कर लें ये काम…

LPG New Rules from 1 November: त्योहारों का सीजन चल रहा है और हर घर में गैस सिलेंडर का इस्तेमाल बढ़ गया है। ऐसे में अगर आप इंडेन (Indane), एचपी (HP Gas) या भारत गैस (Bharatgas) के ग्राहक हैं, तो आपके लिए एक बहुत जरूरी खबर है।
1 नवंबर से गैस सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी और सब्सिडी से जुड़े कुछ अहम नियमों में बदलाव होने जा रहा है। अगर आप चाहते हैं कि आपको सस्ती गैस मिलती रहे और सब्सिडी का पैसा आपके खाते में आता रहे, तो आपको कुछ काम आज ही निपटा लेने चाहिए। आइए जानते हैं कि 1 नवंबर से कौन से 3 नियम बदलने वाले हैं और आपको क्या करना है…
गैस सिलेंडर के दामों में बदलाव
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां (Oil Marketing Companies) गैस के दामों की समीक्षा करती हैं। कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो): होटलों और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले इस सिलेंडर के दाम हर महीने बदलते हैं। अक्टूबर में इसके रेट बढ़े थे। तब दिल्ली में रेट 2,810 रुपए था। 1 नवंबर को इसके दाम घटेंगे या बढ़ेंगे, इसका ऐलान पहली तारीख की सुबह ही होगा। आम घरों में इस्तेमाल होने वाले इस गैस सिलेंडर के दाम पिछली बार 7 जून 2026 को तय हुए थे। दिल्ली में यह फिलहाल 942 रुपए का मिल रहा है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में इसके रेट थोड़े अलग हो सकते हैं। 1 नवंबर को इसमें राहत मिलती है या नहीं, इस पर सबकी नजर रहेगी। बुकिंग करने से पहले अपने शहर का नया रेट ऐप पर जरूर चेक करें।
आधार ऑथेंटिकेशन e-KYC है सबसे जरूरी
अगर आप सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर (14.2 किलो) लेते हैं, तो अब आधार ऑथेंटिकेशन यानी e-KYC कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जो लोग अपना ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं करेंगे, उन्हें 1 नवंबर के बाद सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग में दिक्कत आ सकती है। ऐसे लोगों को फिर मार्केट रेट पर बिना सब्सिडी वाला 5 या 10 किलो का सिलेंडर लेना पड़ेगा।
e-KYC कैसे करें?
- Indane वाले ग्राहक IndianOil ONE ऐप से कर सकते हैं।
- Bharatgas वाले ग्राहक HelloBPCL ऐप का इस्तेमाल करें।
- HP Gas वाले ग्राहक HP PAY ऐप से कर सकते हैं।
- आप चाहें तो अपने गैस वितरक (Distributor) की एजेंसी पर जाकर या सिलेंडर डिलीवरी करने वाले भैया से भी इसे करवा सकते हैं।
डिलीवरी और पाइप वाली गैस (PNG)
सिलेंडर की सही डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए अब वेरिफिकेशन प्रॉसेस पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा, कई शहरों में लोग तेजी से सिलेंडर छोड़कर पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) लगवा रहे हैं। पीएनजी के रेट कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करते, बल्कि इस बात पर तय होते हैं कि गैस भारत की है या बाहर से इंपोर्ट की गई है। इसमें टैक्स और डिलीवरी का खर्चा भी जुड़ता है।




