Chhattisgarh

KORBA BREAKING: लेमरू के जंगलों में अवैध कटाई का खुलासा, ग्रामीणों की सक्रियता से पकड़ी गई लकड़ी तस्करी

कोरबा, 30 मई 2026। कोरबा वन मंडल के लेमरू वन परिक्षेत्र अंतर्गत लामपहाड़-बड़गांव क्षेत्र में कथित रूप से चल रही अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सतर्कता के बाद वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए लकड़ी से भरे दो वाहनों को जब्त किया है। मामले में वन विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार लेमरू रेंज के कक्ष क्रमांक पी-862 में कई दिनों से हरे-भरे वृक्षों की कटाई की जा रही थी। ग्रामीणों को पहले इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन रास्तों पर भारी वाहनों की आवाजाही और लकड़ी परिवहन की सूचना मिलने के बाद उन्होंने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में लगभग 10 से 12 दिनों से लकड़ी कटाई और परिवहन का कार्य जारी था।

ग्रामीणों के अनुसार मौके पर मौजूद वाहन चालकों ने लेमरू निवासी राजू खान का नाम लिया और बताया कि लकड़ी उसके कहने पर लोड की जा रही थी। हालांकि इस संबंध में किसी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच ने भी ऐसी किसी अनुमति देने से इनकार किया है।

मामले को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों से भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इतने लंबे समय तक जंगल में कटाई और परिवहन होने के बावजूद विभाग को इसकी जानकारी नहीं होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर तथा छह चक्का मालवाहक वाहन क्रमांक सीजी-11 बीएन-8798 सहित कटी हुई लकड़ियों को जब्त कर लिया। विभाग के अनुसार लकड़ियां सेमल प्रजाति के वृक्षों की हैं और मामले की जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल के अंदर मशीनों से वृक्षों की कटाई कर पहले ट्रैक्टरों के माध्यम से लकड़ियों को मुख्य सड़क तक लाया जाता था, जिसके बाद बड़े वाहनों में भरकर अन्य स्थानों तक पहुंचाया जाता था। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

अब नजर इस बात पर है कि वन विभाग जांच को किस स्तर तक ले जाता है और अवैध कटाई, परिवहन तथा तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जिले के अन्य वन क्षेत्रों में भी अवैध कटाई की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं, जिन पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता है।

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