Chhattisgarh

Janjgir-Champa Breaking : खपरी डबल मर्डर केस का खुलासा, पुलिस ने 4 आरोपी को किया गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा, 3 अप्रैल। जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खपरी में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का आज शुक्रवार को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो मुख्य हमलावर और दो अन्य सहयोगी शामिल हैं, जिन्होंने घटना के बाद फरार होने में मदद की।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी की नीयत से घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया। पहचान छुपाने के लिए उन्होंने नकली बाल, टोपी और होली का मुखौटा पहन रखा था। घर में घुसने के दौरान जब बुजुर्ग दंपति जाग गए तो आरोपियों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतकों की पहचान संतराम साहू (70) और उनकी पत्नी श्यामबाई साहू (65) के रूप में हुई है। दोनों घर में अकेले रहते थे। घटना 1 अप्रैल की सुबह सामने आई, जब उनका शव घर में खून से लथपथ हालत में मिला।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक Vijay Kumar Pandey स्वयं घटनास्थल पहुंचे और जांच के निर्देश दिए। साइबर थाना और मुलमुला थाना की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में गजेन्द्र पाल दिनकर (24), सुरेन्द्र यादव (25), श्यामरतन दिनकर (53) और विजेन्द्र पाल दिनकर (26) शामिल हैं, जो सभी ग्राम खपरी के निवासी हैं। इनमें सुरेन्द्र यादव को मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है, जिसे पहले मृतक के घर की जानकारी थी।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने छत के रास्ते घर में प्रवेश किया। संतराम साहू के जागने पर सुरेन्द्र यादव ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। आवाज सुनकर जागी श्यामबाई साहू पर गजेन्द्र दिनकर ने गले और चेहरे पर धारदार हथियार से वार कर दिया, जिससे उनकी भी मौत हो गई।

वारदात के बाद आरोपी घर से सोने का हार और चांदी के पायल लेकर फरार हो गए। लूटा गया सोने का हार श्यामरतन दिनकर के पास छिपाकर रखा गया था, जबकि पायल और हथियार अन्य आरोपियों ने अलग-अलग स्थानों पर छिपा दिए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो चाकू, सोने का हार, चांदी के पायल और एक मोटरसाइकिल जब्त की है।

पुलिस ने बताया कि घटना के बाद गजेन्द्र दिनकर के हाथ में आई चोट के कारण उस पर संदेह हुआ। तकनीकी जांच और पूछताछ के बाद उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसके भाई विजेन्द्र ने उसे मोटरसाइकिल से ससुराल छोड़कर भागने में मदद की थी।

पुलिस की संयुक्त टीम ने लगातार निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। मामले में धारा 103(1), 61(2), 309(4) और 111 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी सागर पाठक, थाना प्रभारी मुलमुला पारस पटेल सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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