IIM रायपुर में जनप्रतिनिधियों को मिला विशेष प्रशिक्षण: विधायक अनुज शर्मा ने सिखाए नैरेटिव बिल्डिंग और पब्लिक रिलेशन के गुर

धरसींवा। पंचायत विभाग के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर में आयोजित एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला में धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने आधुनिक राजनीति और प्रभावी संवाद कौशल पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। मुख्य प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित श्री शर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधि केवल योजनाएँ लागू करने के लिए ज़िम्मेदार नहीं होते, बल्कि वे समाज के भरोसे को भी संभालते हैं। स्पष्ट कम्युनिकेशन और प्रभावी मीडिया हैंडलिंग ही विकास कार्यों के वास्तविक प्रभाव को जनता तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए विधायक अनुज शर्मा ने बताया कि आज के दौर में किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए अपना सकारात्मक नैरेटिव तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनता तक अपनी कार्यशैली और उपलब्धियों की सही कहानी पहुँचाना जनप्रतिनिधि की पहली जिम्मेदारी है। इसके लिए योजनाओं और विकास कार्यों को सरल, सहज और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करना जरूरी है। नकारात्मक माहौल में सकारात्मक संवाद की क्षमता, किसी भी जनप्रतिनिधि को मजबूत बनाती है।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कठिन सवालों का सामना करने की कला सिखाने के लिए भूमिका-अभिनय (Role Play) तकनीक का उपयोग किया गया। इस अभ्यास के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को संकट की स्थिति में शांत, संयमित और आत्मविश्वासपूर्ण उत्तर देने का प्रशिक्षण दिया गया।
विधायक अनुज शर्मा ने ‘गवर्नमेंट मैसेजिंग’ और मीडिया प्रबंधन के सिद्धांतों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकारी संदेशों को जनता तक सही भाषा, सही समय और सही प्लेटफ़ॉर्म पर पहुँचाना अनिवार्य है। मीडिया से संवाद करते समय पारदर्शिता, तथ्यों की स्पष्टता और शिष्ट भाषा बनाए रखना जनप्रतिनिधि के लिए अत्यंत आवश्यक है। संकट के समय संयमित मीडिया हैंडलिंग ही जनता का भरोसा बनाए रखने में मदद करती है।
सोशल मीडिया के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म्स के रणनीतिक उपयोग पर भी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज सबसे तेज़ और प्रभावी माध्यम है, इसलिए जनप्रतिनिधियों के लिए इसका सही इस्तेमाल जनता तक जुड़ाव और संवाद को मजबूत बनाता है।
कार्यशाला में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने इसे उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें जमीनी स्तर पर जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की नई दिशा मिली है।









