Chhattisgarh

CSR फंड दिलाने के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी, अंतरराज्यीय गैंग के 5 आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़,16 मार्च 2026। रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक महिला एनजीओ कार्यकर्ता को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड दिलाने का झांसा देकर उसके बैंक खाते का इस्तेमाल करते हुए करीब 2.17 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन किया। मामले में देशभर से 44 साइबर फ्रॉड शिकायतें सामने आई हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर थाना रायगढ़ की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार इंदिरानगर रायगढ़ निवासी आयशा परवीन, जो एक सामाजिक संस्था से जुड़ी हैं, ने 12 मार्च को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में उनके भांजे के माध्यम से उनकी पहचान अभय यादव और विजय चंद्रा से हुई थी। आरोपियों ने उन्हें बताया कि एक कंपनी सामाजिक कार्यों के लिए CSR फंड देने वाली है और इसके लिए संस्था से जुड़े दस्तावेज लिए गए।

आरोपियों ने महिला को विश्वास में लेकर उसके संस्थान के नाम से एक्सिस बैंक में खाता खुलवाया। इसके बाद ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के नाम पर बैंकिंग प्रक्रिया पूरी कराई। बाद में महिला और उसके पति को अनुदान व नौकरी के नाम पर गुवाहाटी बुलाया गया, जहां होटल में ठहराने की व्यवस्था की गई। वहीं गैंग के सदस्यों ने महिला के मोबाइल में एक APK फाइल डाउनलोड कराकर बैंक खाते का एक्सेस हासिल कर लिया और कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए।

रायगढ़ लौटने के बाद बैंक से फोन आने पर महिला को खाते में संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली। जांच में पता चला कि 29 दिसंबर 2025 से ही उसके खाते के जरिए संदिग्ध ट्रांजेक्शन शुरू हो गए थे। बाद में देश के अलग-अलग राज्यों से ई-मेल के माध्यम से साइबर फ्रॉड से जुड़ी शिकायतें मिलने लगीं।

महिला की शिकायत पर साइबर थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 03/2026 धारा 318(4), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी से जुड़े मितेश सोनी, विजय चंद्रा, अजय साहू, अभय यादव और सचिन चौहान को गिरफ्तार किया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से सक्रिय साइबर ठग गिरोह को कॉरपोरेट बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों के जरिए ठगी की रकम का ट्रांजेक्शन किया जाता था और इसके बदले आरोपियों को 5 से 15 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था। पूछताछ में आरोपियों ने अलग-अलग राज्यों में 25 से 30 बैंक खाते उपलब्ध कराने की जानकारी दी है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में साइबर पुलिस के समन्वय पोर्टल पर महिला के खाते से जुड़े देशभर में 44 साइबर फ्रॉड मामलों का उल्लेख मिला है, जिनमें करोड़ों रुपये के विवादित लेनदेन सामने आए हैं।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि साइबर अपराध में शामिल गिरोहों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लालच, अनजान लिंक या संदिग्ध ऐप से सावधान रहें और ऐसी किसी भी गतिविधि की तुरंत पुलिस को जानकारी दें।

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